कक्षा में कदम रखने से बहुत पहले ही बच्चे की सीखने की यात्रा शुरू हो जाती है. शुरुआती साल जिज्ञासा, संज्ञानात्मक विकास और आजीवन शिक्षा की नींव बनाने में निर्णायक भूमिका निभाते हैं। इस विशेषज्ञ पैनल चर्चा में शिक्षा जगत के नेता और नीति‑निर्माता भारत में प्रारंभिक बाल देखभाल और शिक्षा की तात्कालिक प्राथमिकताओं पर विचार करते हैं. देश अपने नन्हे दिमागों को तेजी से बदलते तकनीकी और सामाजिक भविष्य के लिए बेहतर तरीके से कैसे तैयार कर सकता है।