प्राइम टाइम: क्यों सड़कों पर हैं युवा?

PUBLISHED ON: April 6, 2018 | Duration: 33 min, 32 sec

   
loading..
भारत में बेरोज़गारों की न तो संख्या किसी को मालूम है और न ही उनके जीवन के भीतर की कहानी. हमारे लिए बेरोज़गार हमेशा नाकाबिल नौजवान होता है जो मौके की तलाश में एक ही शहर और एक ही कमरे में कई साल तक पड़ा रहता है. कई बार तो लोग इसलिए भी बेकार कहते हैं कि वह सरकारी नौकरी की तलाश कर रहा है. सरकार चलाने के लिए नेता मारा मारी किए रहते हैं लेकिन जब कोई नौजवान उसी सरकार में अपने लिए संभावना की मांग करता है तो उसे फालतू समझा जाने लगता है. आप या हम हर शहर में बेरोज़गारों की रैली देखते हैं, नज़र घुमा लेते हैं. वे हफ्तों से धरने पर बैठे रहते हैं उनकी परवाह कोई नहीं करता है. आज हम आपको एक ऐसे धरना के भीतर ले जाना चाहते हैं ताकि आप देख सकें तो जब किसी के पास कुछ नहीं होता है, तब भी वह किस इरादे से 123 दिनों तक धरना पर बैठा रह जाता है.
ALSO WATCH
परीक्षा में चयनित छात्र, नियुक्ति का बढ़ता इंतजार
................... Advertisement ...................
................... Advertisement ...................