मोहे रंग दे : हरी है मनभरी है..

PUBLISHED ON: August 22, 2014 | Duration: 19 min, 19 sec

   
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प्रकृति, खेत, जंगल, धान ये सब हरे रंग की सबसे बुनियादी और साफ़ पहचानें हैं, लेकिन इन साफ़ पहचानों की तह में भी अर्थों की एक भरी−पूरी दुनिया बसती है। हमारे देखने-जीने के कायदों की, हमारे गीतों की हमारे लोकनृत्यों की और उन परंपराओं की, जिनसे बनता है हमारा जीवन। चलिए एनडीटीवी के इस खास कार्यक्रम में देखते हैं इतिहास, जीवन और संस्कृति पर हरे रंग के असर को...

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