शाजापुर : अपनों के भेदभाव की शिकार बेटियां

PUBLISHED ON: September 14, 2013 | Duration: 20 min, 48 sec

  
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जिस समाज में लड़कियों की पैदाइश ही गुस्से और मायूसी का सबब बन जाए, वहां परिवार की सबसे बड़ी बेटी तो बच जाती है, लेकिन उसकी छोटी बहनों का जीना मुश्किल हो जाता है, क्योंकि वे उस बेटे की जगह आ गईं, जिसकी राह देखी जा रही थी।
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