हॉट टॉपिक: लिंचिंग जैसी घटनाओं से संघ को क्यों जोड़ा जाता है?

PUBLISHED ON: October 8, 2019 | Duration: 13 min, 38 sec

  
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नागपुर में RSS मुख्यालय में पारंपरिक तौर पर विजयदशमी की परेड और शस्त्र पूजा का आयोजन किया गया. इस बार कार्यक्रम में HCL के अध्यक्ष और संस्थापक शिव नाडर को मुख्य अतिथि के तौर पर बुलाया गया. कार्यक्रम की शुरुआत आरएसएस प्रमुख मोहन भागवन ने शस्त्र पूजा के साथ की. इस मौके पर राज्य के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडनवीस, केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी, वीके सिंह भी मंच पर मौजूद थे. इस दौरान संघ प्रमुख मोहन भागवत सामाजिक समरसता पर बल दिया. उन्होंने कहा, ''समाज के विभिन्न वर्गों को आपस में सद्भावन ,संवाद और सहयोग बढाने के प्रयास में प्रयासरत होना चाहिए. उदारता ही हमारी परंपरा है.'' उन्होंने कहा कि लिंचिग से संघ के कार्यकर्ताओं का संबंध नहीं है. परन्तु कहीं न कहीं कानून और व्यवस्था की सीमा का उल्घन कर यह हिंसा की प्रवृत्ति समाज में परस्पर संबंधो को नष्ट कर असर दिखाती है इसे स्वीकार करना ही पड़ेगा. यह प्रवृत्ति हमारे देश की परंपरा नहीं है. न ही हमारे संविधान में ये बैठती है. ऐसी घटनाओं में लिप्त लोगों का संघ ने समर्थन कभी नहीं किया है. ऐसे में लिंचिग शब्द देकर सारे देश हिन्दू समाज को बदनाम करने का प्रयास हो रहा है.
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