छोटे शहरों की नब्ज पकड़ती फिल्में...

PUBLISHED ON: January 12, 2013 | Duration: 17 min, 59 sec

  
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हिन्दी फिल्मों में कहानियां कभी किसी बड़े शहर की होती है, तो कभी गांवों-कस्बों की। कभी फिल्मकार अलग-अलग प्रांतों और प्रदेशों की आम बोलचाल की भाषाओं को अपनी फिल्मों में इस्तेमाल करते हैं। इसी सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए रिलीज हुई है विशाल भारद्वाज की फिल्म 'मटरू की बिजली का मंडोला'...
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