किस हाल में हैं हमारे विश्वविद्यालय?

PUBLISHED ON: September 3, 2018 | Duration: 14 min, 52 sec

   
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हमें चाहिए आज़ादी, 2016 में जे एन यू से निकले इस नारे को चार चैनल के लोग एंटी नेशनल फ्रेमवर्क में फिट करते रहे मगर यह नारा धारा अपनी रफ्तार से भ्रष्टाचार से लेकर तमाम तरह की अव्यवस्था से आज़ादी का स्लोगन बनता चला गया। जे एन यू सिर्फ जेएनयू में नहीं होता है. जेएनयू होने का मतलब यही था या है कि जो ग़लत हो रहा है उसके खिलाफ बोलेंगे. कैंपस के भीतर भी और यमन में हो रही बमबारी के खिलाफ भी. आज न सही, कभी न कभी जे एन यू होना पड़ता है और अपने कैंपस में मशाल मार्च निकालना पड़ता है. जैसे हिदायतुल्ला नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ के 1000 के छात्र इन दिनों कर रहे हैं. 27 अगस्त से वे एक निर्णायक लड़ाई लड़ रहे हैं.
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