मौला मेरे मौला : अक्षर से आवाज तक का सफर

PUBLISHED ON: May 13, 2012 | Duration: 40 min, 10 sec

  
loading..
बगावत में भी संगीत बसता है। बागी से अच्छा संगीतकार कौन हो सकता है...? जिस बगावत में संगीत नहीं, उसमें मुक्ति की धुन नहीं... मुक्ति का संगीत है सूफी गायन... एक जायजा सूफी गायक मदन गोपाल सिंह के साथ।

................................ Advertisement ................................

................................ Advertisement ................................