वाह! बनाई घड़ी, समझा गया बम और फिर मिला @BarackObama का निमंत्रण
Sep 17, 2015 15:12
Published OnSep 17, 2015 08:36
Last Updated OnSep 17, 2015 15:12
Reported by NDTVKhabar.com team
14 साल के अहमद ने अपने ट्विटर अकाउंट पर यह तस्वीर पोस्ट की है (istandwithahmed@twitter)
अमेरिका के टेक्साज़ शहर में अपनी स्कूल प्रोजेक्ट की वजह से गिरफ्तार हुए 14 साल के अहमद मोहम्मद को अब सोशल मीडिया पर अमेरिका के राष्ट्रपति ओबामा और फेसबुक के मार्क ज़ुकरबर्ग का भी समर्थन मिल गया है।
दरअसल टेक्साज़ के एक स्कूल में छात्रों से प्रोजेक्ट मंगाया गया था जिसमें अहमद एक घड़ी बनाकर लेकर गया था। शिक्षकों को शक़ हुआ कि वह घड़ी नहीं बम है और इस शक के आधार पर बताया जा रहा है कि पुलिस, अहमद को हथकड़ी लगाकर स्कूल से गिरफ्तार करके ले गई। छानबीन के बाद पता चला कि वह बम नहीं सिर्फ एक घड़ी ही है जिसके बाद पुलिस ने अहमद के खिलाफ सारे आरोप वापिस ले लिए।
इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर अहमद के समर्थन में कई लोग उतरे हैं जिसमें अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा भी शामिल है। ओबामा ने अपनी ट्वीट में लिखा है 'कूल क्लॉक, अहमद। क्या तुम इसे व्हाइट हाउस लाना पसंद करोगे? हमें तुम जैसे बच्चों को साइंस के लिए बढ़ावा देना चाहिए। यही अमेरिका को महान बनाता है।'
Cool clock, Ahmed. Want to bring it to the White House? We should inspire more kids like you to like science. It's what makes America great.
वहीं फेसबुक के सीईओ ज़ुकरबर्ग ने अपने पोस्ट में लिखा है - 'कुछ अच्छा बनाने की क़ाबलियत और इच्छा को बढ़ावा मिलना चाहिए, न कि गिरफ्तारी। भविष्य अहमद जैसे लोगों का है।'
ज़ुकरबर्ग का पूरा पोस्ट कुछ इस तरह है - 'आपको 14 साल के छात्र अहमद की कहानी पता होगी। टेक्साज़ का यह बच्चा अपने स्कूल में एक घड़ी बनाकर लेकर गया लेकिन उसे गिरफ्तार कर लिया गया। कुछ अच्छा बनाने की क़ाबलियत और इच्छा को बढ़ावा मिलना चाहिए, न कि गिरफ्तारी। भविष्य अहमद जैसे लोगों का है। अहमद, तुम कभी भी फेसबुक आना चाहो तो ज़रूर आना, मैं तुमसे मिलना चाहूंगा। कुछ नया बनाते रहो।'
हालांकि स्कूल और पुलिस ने अभी तक अपने इस कदम पर माफी नहीं मांगी है, उल्टा स्कूल ने सभी अभिभावकों को एक चिट्ठी भेजी है जिसमें वह अपनी इस कार्यवाही का बचाव करता नज़र आ रहा है, हालांकि चिट्ठी में इस घटना का प्रत्यक्ष रूप से कोई ज़िक्र नहीं है।
ख़बरों के मुताबिक चिट्ठी में लिखा गया है 'अपने बच्चों को समझाना न भूलें कि किसी भी तरह की संदेहास्पद चीज़ या व्यवहार के बारे में स्कूल स्टाफ को सूचित करना न भूलें ताकि उस पर तुरंत ही कदम उठाया जा सके।'