रुपये की मजबूती के लिए RBI संग सरकार उठाएगी कदम, सचिव ने बताई गिरावट की वजह

वित्त मंत्रालय ने रुपये को और अधिक गिरने से रोकने की पहल करनी शुरू की है.

रुपये की मजबूती के लिए RBI संग सरकार उठाएगी कदम, सचिव ने बताई गिरावट की वजह

प्रतीकात्मक तस्वीर.

हाइलाइट्स

  • रुपये की गिरती कीमतों से चिंतित हुई मोदी सरकार
  • कीमत में और गिरावट रोकने के लिए सरकार ने शुरू की पहल
  • आर्थिक मामलों के सचिव ने रुपये की कीमतों में गिरावट की बताई वजह
नई दिल्ली:

वित्त मंत्रालय ने रुपये को और अधिक गिरने से रोकने की पहल करनी शुरू की है. कहा है कि सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) डॉलर के मुकाबले रुपये को और अधिक गिरने से रोकने के लिए कदम उठाएंगे. आर्थिक मामलों के सचिव सुभाष चंद्र गर्ग ने ट्वीट किया, "रुपये में कल जो गिरावट आई है, वह मौलिक कमजोरी के कारण नहीं है, बल्कि यह बाजार में ऑपरेटरों द्वारा जरूरत से अधिक की गई प्रतिक्रिया को दर्शाता है. सरकार और आरबीआई रुपये की और गिरावट को थामने के लिए हर संभव कदम उठाएंगे." उन्होंने कहा, "आज रुपये में जो थोड़ी मजबूती आई है, वह उठाए गए कदमों का ही नतीजा है."बुधवार को रुपया दिन के कारोबार में नए रिकार्ड स्तर तक गिर गया था, जो कि 72.91 रुपये प्रति डॉलर था। उसके बाद शाम 4.00 बजे इसमें थोड़ी मजबूती आई और रुपया 72.11 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ.डॉलर के खिलाफ भारतीय रुपया अगस्त की शुरुआत से ही गिर रहा है और मंगलवार को यह रिकार्ड निचले स्तर 72.69 रुपये प्रति डॉलर के स्तर पर बंद हुआ था.

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रुपये में गिरावट पर एसबीआई की रिपोर्ट
रुपये में लगातार जारी गिरावट तथा कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी से राज्यों को चालू वित्त वर्ष में बजट अनुमान के ऊपर 22,700 करोड़ रुपये का अप्रत्याशित कर राजस्व मिलेगा. एक रिपोर्ट में यह अनुमान लगाया गया है. अंतर बैंक विदेशी विनिमय बाजार में मंगलवार को डॉलर के मुकाबले रुपया 28 पैसे टूटकर 72.73 प्रति डॉलर के अपने नए सर्वकालिक निचले स्तर पर आ गया. वहीं कच्चा तेल 78 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया. इससे बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स 509 अंक या 1.34 प्रतिशत टूटकर 37,413.13 अंक पर आ गया. 

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एसबीआई रिसर्च के एक नोट में कहा गया है कि पेट्रोल और डीजल कीमतों में वृद्धि से राज्यों को चालू वित्त वर्ष में बजट अनुमान के ऊपर 22,700 करोड़ रुपये का अप्रत्याशित कर राजस्व मिलेगा. रिपोर्ट में कहा गया है कि कच्चे तेल की कीमत में एक डॉलर प्रति बैरल की वृद्धि से सभी प्रमुख 19 राज्यों को औसतन 1,513 करोड़ रुपये का राजस्व लाभ होता है. इसमें कहा गया है कि सबसे अधिक 3,389 करोड़ का लाभ महाराष्ट्र को मिलेगा. उसके बाद गुजरात को 2,842 करोड़ रुपये का लाभ मिलेगा. राजधानी दिल्ली में मार्च से पेट्रोल 5.60 रुपये तथा डीजल 6.31 रुपये प्रति लीटर महंगा हुआ है.

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(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)