सोने के भाव में उतार-चढ़ाव का दौर जारी, आभूषण उद्योग में पिछले छह माह में 30 प्रतिशत की गिरावट

कमजोर वैश्विक रुख के बीच कारोबारियों द्वारा अपने सौदों का आकार घटाने से सोमवार को सोने का वायदा भाव 171 रुपये टूटकर 39,700 रुपये प्रति दस ग्राम पर आ गया.

सोने के भाव में उतार-चढ़ाव का दौर जारी, आभूषण उद्योग में पिछले छह माह में 30 प्रतिशत की गिरावट

सोने के भाव में उतार-चढ़ाव

नई दिल्ली:

सोने के भाव में उतार चढ़ाव का दौर जारी है,कमजोर वैश्विक रुख के बीच कारोबारियों द्वारा अपने सौदों का आकार घटाने से सोमवार को सोने का वायदा भाव 171 रुपये टूटकर 39,700 रुपये प्रति दस ग्राम पर आ गया. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज में सोने का फरवरी अनुबंध 171 रुपये या 0.43 प्रतिशत के नुकसान से 39,700 रुपये प्रति किलोग्राम रह गया. इसमें 2,145 लॉट का कारोबार हुआ. इसी तरह सोने का अप्रैल अनुबंध 232 रुपये या 0.58 प्रतिशत के नुकसान से 39,822 रुपये प्रति दस ग्राम रह गया. इसमें 441 लॉट का कारोबार हुआ. वैश्विक बाजार, न्यूयॉर्क में सोना 0.30 प्रतिशत के नुकसान से 1,555.40 डॉलर प्रति औंस पर चल रहा था.

गौरतलब है कि उद्योग जगत के एक शीर्ष अधिकारी ने शुक्रवार को कहा था कि रत्न एवं आभूषण उद्योग की मांग पिछले छह महीनों में 30 प्रतिशत घटी है.  अखिल भारतीय रत्न एवं आभूषण घरेलू परिषद के अध्यक्ष अनंत पद्मनाभन ने कहा कि पिछले छह महीनों में कारोबार में 30 प्रतिशत की कमी आयी है. उन्होंने संवाददाताओं से कहा था , ‘‘हमने पहले ही प्रधानमंत्री कार्यालय, गृह मंत्री और वित्त मंत्री से संपर्क किया था और आयात शुल्क, माल एवं सेवा कर को कम करने की अपील की थी.'' पद्मनाभन ने दावा किया कि सीमा शुल्क, जीएसटी में वृद्धि के कारण सोने की तस्करी में वृद्धि हुई है. इसके अलावा ग्राहक दुबई, नेपाल, श्रीलंका, सिंगापुर जैसे देशों से भी सोना खरीदने का विकल्प चुन रहे हैं.

उन्होंने कहा कि 2020 के बजट के दौरान सरकार आयात शुल्क को मौजूदा 12.5 प्रतिशत से घटाकर छह प्रतिशत करने पर विचार कर सकती है. पद्मनाभन ने सरकार से 15 जनवरी 2021 से देश भर में सोने की हॉलमार्किंग को अनिवार्य बनाने वाली एक अधिसूचना जारी करने से पहले एक 'संचालन समिति' का गठन करने की अपील की. संचालन समिति के माध्यम से सरकार हॉलमार्किंग पर अधिसूचना जारी करने से पहले आभूषण उद्योग के नजरिये से अवगत हो सकती है. एक प्रश्न के संदर्भ में, उन्होंने कहा कि विभिन्न कारणों से वर्ष 2018 के 766 टन के मुकाबले वर्ष 2019 में सोने का आयात घटकर 710 टन रह गया.

संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव तथा आभूषण उद्योग पर इसके प्रभाव के बारे में पूछे गये एक प्रश्न पर उन्होंने कहा कि इससे वर्ष 2020 में सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव रह सकती है. उन्होंने कहा, ‘‘कीमतों में यह उतार चढ़ाव, अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव तक रहने वाली है.''देश की राजधानी दिल्ली में शुक्रवार को सोने की कीमत 40,554 पर रही थी 
 



(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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