Profit

Tax

  • इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करना है बेहद आसान - स्टेप बाई स्टेप गाइड
    इनकम टैक्स भरने के दो दिन बचे हैं. 31 अगस्‍त इनकम टैक्स (आयकर रिटर्न ITR return) फाइल करने की अंतिम तारीख है. अकसर यह होता है कि करदाता आखिरी पलों में ही टैक्स रिटर्न फाइल करते हैं और उस समय जल्दबाजी में गलती होने की संभावना और परेशानी होना लाजमी सा हो जाता है. अच्छा हो यदि इनकम टैक्स की ई-फाइलिंग समय रहते कर ली जाए. ऑनलाइन रिटर्न फाइल करने का तरीका आसान है. आइए जानें यह तरीका .
  • खबर का असर : सरकार ने आयकर रिटर्न दाखिल करने की तारीख 31 अगस्त तक बढ़ाई
    सरकार ने आयकर रिटर्न जमा करवाने की अंतिम तारीख 31 जुलाई के बजाए 31 अगस्त तक बढ़ा दी है. यह तारीख बढ़ाने का ऐलान सरकार ने इसलिए किया क्योंकि आईटीआर फाइल करने में लोगों को कई दिक्कतें आ रही थी. एनडीटीवी ने इससे जुड़ी खबर 25 तारीख को प्रकाशित की थी.
  • संसदीय समिति ने पीएफ ट्रस्ट को छूट देने के लिये कड़े नियम बनाने को कहा
    संसद की एक समिति ने सरकार से ट्रस्ट के जरिये अपने कर्मचारियों के भविष्य निधि का प्रबंधन करने को लेकर प्रतिष्ठानों को दी गयी छूट के लिये मजबूत दिशानिर्देश तैयार करने को कहा है. समिति ने ऐसे कोष के दुरुपयोग को रोकने के लिये यह सुझाव दिया है. समिति ने संसद में पेश अपनी रिपोर्ट में कहा कि ऐसे छूट प्राप्त प्रतिष्ठानों के लिये बिना दावे वाली राशि को रखने को लेकर कोई स्पष्ट दिशानिर्देश नहीं है. 
  • आईटीआर (ITR) भरने में कुछ दिन बचे हैं, लेकिन ऑनलाइन फाइल करने में आ रही हैं कई दिक्कतें
    31 जुलाई तक आम करदाताओं को आईटीआर फाइल करना है. इस तारीख के करीब आने पर लोग में आईटीआर फाइल करने की तेजी बढ़ती जा रही है. लाखों लोग अंतिम तारीख के जल्दबाजी से बचने के लिए पहले ही आईटीआर फाइल करना चाहते हैं. इस बार आयकर विभाग आईटीआर भरने की तारीख को आगे बढ़ने के मूड में भी नहीं दिख रहा है.
  • बिहार और झारखंड में सबसे ज्यादा टैक्स जमा करने वाले करदाता बने महेंद्र सिंह धोनी
    भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी बिहार और झारखंड में सबसे ज्यादा इनकम टैक्स देने वाले करदाता बन गए हैं. धोनी ने साल 2017-18 में 12.17 करोड़ रुपए का रिटर्न फाइल किया है. बता दें कि एमएस धोनी ने साल 2016-17 में 10.93 करोड़ का रिटर्न भरा था. आयकर विभाग के अधिकारी वी. महालिंगम के बताया है कि महेंद्र सिंह धोनी ने मौजूदा वित्तीय वर्ष में अब तक एडवांस टैक्स के रूप में पहले ही तीन करोड़ रुपए जमा कराए हैं.
  • सातवां वेतन आयोग : केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनधारियों के वेतन में इस बढ़ोतरी का समय आया
    2019 में लोकसभा के चुनाव होने हैं. माना जा रहा है कि सरकार केंद्रीय कर्मचारियों की मांग के बाद उन्हें खुश करने के लिए कुछ ही महीनों में महंगाई भत्ता बढ़ाने का फैसला ले सकती है. मीडिया में आई खबरों के मुताबिक सरकार इस बारे में विचार कर रही है.
  • Sukanya Samriddhi Yojana : खाता खुलवाने के लिए न्यूनतम सीमा 250 रुपये की गई
    सरकार ने सुकन्या समृद्धि योजना में सालाना न्यूनतम जमा की सीमा को 1,000 रुपये से घटाकर 250 रुपये कर दिया है. इस कदम से अब अधिक से अधिक लोग इस योजना का लाभ उठा सकेंगे. सरकार ने सुकन्या समृद्धि खाता नियम, 2016 में संशोधन किया है. इसमें कहा गया है कि इस खाते को खोलने के लिए अब 250 रुपये ही जमा कराने की जरूरत होगी. साथ ही सालाना इस खाते में 1,000 रुपये के बजाय 250 रुपये जमा कराने की ही अनिवार्यता होगी. 
  • 31 जुलाई बाद आईटीआर दाखिल करने पर 5000 रुपये जुर्माना
    अगर आपने अबतक आयकर रिटर्न दाखिल नहीं किया है तो अब और देर मत कीजिए, क्योंकि शुल्क मुक्त आयकर दाखिल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई, 2018 है. इसके बाद आयकर दाखिल करने वालों को 5,000 रुपये जुर्माना भरना पड़ेगा.
  • रेफ्रिजरेटर, वाशिंग मशीन पर जीएसटी घटकर 18 फीसदी
    जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) परिषद ने शनिवार को आम आदमी को राहत देते हुए रेफ्रिजरेटर, वाशिग मशीन और छोटे टेलीविजन सहित कई सामानों पर जीएसटी दर 28 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी कर दिया है. कर की दरों में कटौती करने के अलावा जीएसटी परिषद ने कई सामानों पर से कर समाप्त कर दिया है, जिसमें सैनिटरी नैपकिन, राखी, फोर्टिफाइड मिल्क और पत्थर, मार्बल और लकड़ी से बनी मूर्तियां शामिल हैं. 
  • अब सबसे ऊंचे जीएसटी स्लैब में सिर्फ 35 उत्पाद
    माल एवं सेवा कर (जीएसटीGST) परिषद ने सबसे ऊंचे 28 प्रतिशत के कर स्लैब में उत्पादों की सूची को घटाकर 35 कर दिया है. अब इस सूची में एसी, डिजिटल कैमरा, वीडियो रिकॉर्डर, डिशवॉशिंग मशीन और वाहन जैसे 35 उत्पाद रह गए हैं. पिछले एक साल के दौरान जीएसटी परिषद ने सबसे ऊंचे कर स्लैब वाले 191 उत्पादों पर कर घटाया है. 
  • कई और सामानों पर जीएसटी (GST) में की गई है कटौती, जानें कौन-कौन सा सामान हुआ सस्ता
    जीएसटी परिषद ने सैनिटरी नैपकिन को माल एवं सेवा कर (जीएसटी) से छूट देने की एक साल से चल रही मांग को शनिवार को पूरा किया. जीएसटी के बारे में निर्णय करने वाले इस सर्वोच्च निकाय ने इसके अलावा टीवी , फ्रिज वॉशिंग मशीन तथा बिजली से चलने वाले कुछ घरेलू उपकरणों और अन्य उत्पादों पर भी कर की दरें कम की हैं. 
  • सरकारी कर्मचारियों के बड़ी राहत की खबर, एकल रिटर्न का सुझाव
    संसद की एक समिति ने सरकारी कर्मचारियों के लिए अपनी संपत्तियों और देनदारियों का ब्योरा देने के लिए साल में सिर्फ एक रिटर्न भरने का सुझाव दिया है. लोकपाल कानून के तहत कई रिटर्न भरने की अनिवार्यता है. कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) द्वारा तैयार संशोधित मसौदे के अनुसार अब एक सरकारी कर्मचारी जिनमें मंत्री भी शामिल हैं, को पद पर आने के छह महीने के भीतर अपनी संपत्तियों और देनदारियों की घोषणा करनी होगी. 
  • क्या आपने आधार और पैन कार्ड को लिंक किया... ये है आसान तरीका
    पैन कार्ड को आधार कार्ड से लिंक करना आवश्यक है. सरकार ने इस संबंध में पहले ही साफ कर दिया है. रिटर्न फाइल करते समय इसमें सुविधा भी होती है. अगर आपने अभी तक अपने दोनों कार्ड लिंक नहीं किए हैं और आधार कार्ड को पैन कार्ड से लिंक करना चाहते हैं तो इसके तरीके बहुत आसाना हैं.
  • खुद भरना चाहते हैं अपना ITR, ये है आसान तरीका
    इनकम टैक्स भरने की आखिरी तारीख में ज्यादा दिन नहीं बचे हैं. 31 जुलाई इनकम टैक्स (आयकर रिटर्न ITR return) फाइल करने की अंतिम तारीख है. अकसर यह होता है कि करदाता आखिरी पलों में ही टैक्स रिटर्न फाइल करते हैं और उस समय जल्दबाजी में गलती होने की संभावना और परेशानी होना लाजमी सा हो जाता है. अच्छा हो यदि इनकम टैक्स की ई-फाइलिंग समय रहते कर ली जाए. ऑनलाइन रिटर्न फाइल करने का तरीका आसान है. आइए जानें यह तरीका .
  • आयकर रिटर्न दाखिल किया क्या, एफडी (Fixed Deposits FD) से जुड़े ये 5 नियम जरूर जान लें
    31 जुलाई तक सभी आयकर दाताओं को अपना रिटर्न फाइल करना है. यह कानून जरूरी है. लेकिन ऐसा देखा गया है कि कई बार नियमों की जानकारी नहीं होने की वजह से कुछ आयकरदाता सही से रिटर्न फाइल नहीं कर पाते हैं और बाद में आयकर विभाग के नोटिस और जवाब का सिलसिला शुरू हो जाता है. ऐसे में समय बरबाद होता है और कई प्रकार की दिक्कतों का भी सामना करना पड़ता है. कई बार तो जुर्माना भी पड़ता है और कोर्ट कचहरी के चक्कर तक काटने पड़ जाते हैं.

................................ Advertisement ................................

................................ Advertisement ................................