साइरस मिस्त्री की बहाली के खिलाफ टाटा संस सुप्रीम कोर्ट पहुंची, NCLAT ने दिया था फैसला

टाटा संस के कार्यकारी अध्यक्ष के पद पर साइरस मिस्त्री की बहाली के फैसले के विरोध में टाटा सन्स ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की है

साइरस मिस्त्री की बहाली के खिलाफ टाटा संस सुप्रीम कोर्ट पहुंची, NCLAT ने दिया था फैसला

साइरस मिस्त्री (फाइल फोटो)

हाइलाइट्स

  • टाटा संस ने NCLAT के फैसले को दी चुनौती
  • सुप्रीम कोर्ट पहुंचा टाटा संस के कार्यकारी अध्यक्ष पद का विवाद
  • पिछले साल NCLAT ने साइरस मिस्त्री के पक्ष में सुनाया था फैसला
नई दिल्ली:

टाटा संस के कार्यकारी अध्यक्ष पद पर साइरस मिस्त्री की बहाली के फैसले के विरोध में टाटा सन्स ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की है. दिसंबर 2019 में नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (NCLAT) ने एक अपने एक फैसले में साइरस मिस्त्री को टाटा संस के अध्यक्ष पद पर बहाल किया था. साथ ही न्यायाधिकरण ने मिस्त्री की जगह कार्यकारी चेयरमैन पद पर एन चंद्रशेखरन की नियुक्ति को अवैध ठहराया था. न्यायाधीश एसजे मुखोपाध्याय की अध्यक्षता वाली दो सदस्यीय पीठ ने कहा था कि बहाली आदेश चार सप्ताह बाद प्रभावी होगा. निर्णय के अनुसार टाटा संस इस अवधि में चाहे तो निर्णय के खिलाफ अपील कर सकती थी. जिसके तहत टाटा संस ने आज अदालत में अपील की है.

बता दें, कि निचली अदालत के आदेश को खारिज करते हुए अपीलीय न्यायाधिकरण ने टाटा संस को पब्लिक फर्म से बदलकर प्राइवेट फर्म बनाने की कार्रवाई को भी रद्द कर दिया था. धनाढ़्य शापूरजी पलोनजी परिवार से संबंध रखने वाले मिस्त्री को अक्टूबर 2016 में टाटा संस के चेयरमैन पद से हटा दिया गया था. वह टाटा संस के छठे चेयरमैन रहे. मिस्त्री ने रतन टाटा के पद से हटने के बाद 2012 में कमान संभाली थी.

बाद में समूह के अंदर विवाद उठने पर उन्हें टाटा संस के निदेशक मंडल से भी निकाल दिया गया. टाटा संस में मिस्त्री के परिवार की हिस्सेदारी 18.4 प्रतिशत है. मिस्त्री ने नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (NCLAT) में उन्हें पद से हटाये जाने को चुनौती दी थी जिसके बाद NCLAT ने उनके समर्थन में फैसला सुनाया था. 

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