ऑटोमोबाइल सेक्टर में आठ साल में सबसे बड़ी गिरावट, व्यापार और रोजगार पर बुरा असर

एसयूवी गाड़ियों की बिक्री में सात फीसदी, स्कूटरों की बिक्री में 26 फीसदी और मोटरसाइकिल की बिक्री में 12 फीसदी की गिरावट

ऑटोमोबाइल सेक्टर में आठ साल में सबसे बड़ी गिरावट, व्यापार और रोजगार पर बुरा असर

हाइलाइट्स

  • पैसेंजरों वाहनों की बिक्री में 17 फीसदी की गिरावट
  • कई डीलरों ने शोरूम किए बंद
  • रोजगार पर भी पड़ रहा है असर
मुंबई:

ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में अब पिछले आठ साल में सबसे बड़ी गिरावट देखने मिल रही है. इसका असर व्यापार और रोजगार पर साफ देखने मिल रहा है. कई डीलरों ने जहां अपने शोरूम बंद कर दिए हैं वहीं जो शोरूम चल भी रहे हैं उनके मालिकों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.

ऑटोमोबाइल उद्योग में आई मंदी का असर अब वाहनों के डीलरों और रोजगार पर पड़ता दिख रहा है. ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में आठ साल में आई सबसे बड़ी गिरावट पर center of Indian automobile manufacturer यानी  सियाम की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार अप्रैल 2018 में दो लाख 98 हजार गाड़ियों की बिक्री हुई जो अप्रैल 2019 में घटकर दो लाख 47 हजार हो गई. अप्रैल 2019 में पैसेंजरों वाहनों की बिक्री में 17 फीसदी की गिरावट और एसयूवी गाड़ियों की बिक्री में सात फीसदी की गिरावट आई. स्कूटरों की बिक्री में 26 फीसदी और मोटरसाइकिल की बिक्री में 12 फीसदी की गिरावट आई.

करीब तीन दशकों से इस उद्योग से जुड़े गुरविंदर सिंह अरोरा ने नुकसान बढ़ने और बिक्री में कमी के कारण डीलरशिप बंद कर दी. मंदी  के कारण कई व्यापारी एनपीए बनने की कगार पर हैं. डीलरशिप बंद होने का असर करीब 50 लोगों के रोजगार पर पड़ा जो अब दूसरे डीलरों के पास काम तलाश रहे हैं. लोगों की खरीदारी में आई कमी के अलावा डीलरों के बीच बिक्री बढ़ाने को लेकर आपस में चल रही प्रतियोगिता का असर भी व्यापार और रोजगार दोनों पर  पड़ा है.

सरकार की ओर से अप्रैल 2020 से बीएस-6 लागू होने के कारण नए इंजन लॉन्च होने वाले हैं जिसे भी बिक्री में गिरावट का एक कारण माना जा रहा है. यह हाल केवल ऑटो सेक्टर का ही नहीं बल्कि ट्रेक्टर सेक्टर में भी हुआ है जहां पर करीब 14 फीसदी की गिरावट देखने मिली है.

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