नीतिगत दर में कटौती की उम्मीद से सेंसेक्स 170 अंक मजबूत 

उतार-चढ़ाव भरे कारोबार में बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स गुरुवार को 170 अंक से अधिक की तेजी के साथ 40,286.48 अंक पर बंद हुआ.

नीतिगत दर में कटौती की उम्मीद से सेंसेक्स 170 अंक मजबूत 

प्रतीकात्मक फोटो.

मुंबई:

उतार-चढ़ाव भरे कारोबार में बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स गुरुवार को 170 अंक से अधिक की तेजी के साथ 40,286.48 अंक पर बंद हुआ. वृहद आर्थिक चुनौतियों के बीच नीतिगत दर रेपो में कटौती की उम्मीद में बाजार में तेजी आई. 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 170.42 अंक यानी 0.42 प्रतिशत की तेजी के साथ 40,286.48 अंक पर बंद हुआ. कारोबार के दौरान यह ऊंचे में 40,348.61 और नीचे में 40,026.99 अंक के दायरे में रहा. इसी प्रकार, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 31.65 अंक यानी 0.27 प्रतिशत की बढ़त के साथ 11,872.10 अंक पर बंद हुआ. कारोबार के दौरान बाजार में उतार-चढ़ाव रहा. इसका कारण खुदरा मुद्रास्फीति में तेजी, औद्योगिक उत्पादन में गिरावट तथा अमेरिका-चीन व्यापार समझौते को लेकर चिंता का निवेशकों की धारणा पर असर पड़ा. सेंसेक्स में लाभ में रहने वाले प्रमुख शेयरों में आईसीआईसीआई बैंक, इंफोसिस, बजाज फाइनेंस और एचडीएफसी बैंक शामिल हैं. इनमें 2.67 प्रतिशत तक की तेजी आई.

वहीं इंडसइंड बैंक, वेदांता, टाटा मोटर्स, ओएनजीसी तथा एचयूएल में 2.79 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई. सरकारी आंकड़ों से आर्थिक नरमी गहराने के संकेत के साथ मूडीज इनवेस्टर सर्विस ने भारत की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि दर अनुमान को कम किया है. रेटिंग एजेंसी ने 2019 के लिए भारत की आर्थिक वृद्धि दर के अनुमान को कम कर 5.6 प्रतिशत कर दिया है. उसका कहना है कि सरकार के विभिन्न उपायों से खपत मांग में नरमी का समाधान नहीं हो पा रहा.

जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, 'बाजार की प्रवृत्ति पर वृहद आर्थिक आंकड़ों का असर है. थोक महंगाई दर का आंकड़ा विनिर्माण खेत्र में कमजोर मांग को प्रतिबिंबित करता है. आरबीआई निकट भविष्य में मुद्रास्फीति के बजाए आर्थिक पर पर जोर दे सकता है.' पूरे दिन उतार-चढ़ाव के बाद सूचकांक में अच्छी हिस्सेदारी रखने वाले चुनिंदा शेयरों में लिवाली से बाजार में तेजी आई. हालांकि वृहद आर्थिक आंकड़ों के कमजोर रहने तथा नकारात्मक वैश्विक संकेतों के चलते निवेशक थोड़े सतर्क दिखे.

थोक मुद्रास्फीति अक्टूबर महीने में कम होकर 0.16 प्रतिशत रही जो सितंबर में 0.33 प्रतिशत थी. गैर-खाद्य वस्तुओं तथा विनिर्मित वस्तुओं की कीमतों में नरमी के कारण थोक महंगाई दर कम हुई. वहीं दूसरी तरफ खाद्य वस्तुओं के दाम बढ़ने से खुदरा मुद्रास्फीति अक्टूबर महीने में 4.62 प्रतिशत पर पहुंच गई जो 16 महीने का उच्च स्तर है. औद्योगिक उत्पादन में भी सितंबर महीने में 4.3 प्रतिशत की गिरावट आई है जो सात साल की सबसे बड़ी गिरावट है.

एशिया के अन्य बाजारों में शंघाई, हांगकांग, तोक्यो और सियोल में मिला-जुला रुख रहा. वहीं यूरोप के प्रमुख बाजारों में शुरुआती कारोबार में गिरावट का रुख रहा. घरेलू बाजार के लिए राहत की बात यह है कि आर्थिक चुनौतियों के बावजूद विदेशी संस्थागत निवेशक भारतीय शेयर बाजारों में निवेश कर रहे हैं. शेयर बाजारों के पास उपलब्ध स्थायी आंकड़ों के अनुसार विदेशी निवेशकों ने बुधवार को 584.92 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर खरीदे. 
 



(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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