सेबी ने ‘साइप्रेस मनी’ के निवेशकों से रिफंड के दावे आमंत्रित किए

भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने साइप्रेस मनी इंवेस्टमेंट एडवाइजर के ग्राहकों से धन वापसी (रिफंड) के दावे आंमंत्रित करने की प्रक्रिया सोमवार को शुरू कर दी.

सेबी ने ‘साइप्रेस मनी’ के निवेशकों से रिफंड के दावे आमंत्रित किए

सेबी ने एक सार्वजनिक सूचना में कहा कि लोग रिफंड के अपने दावे 30 नवंबर तक जमा करा सकते हैं

नई दिल्ली:

भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने साइप्रेस मनी इंवेस्टमेंट एडवाइजर के ग्राहकों से धन वापसी (रिफंड) के दावे आंमंत्रित करने की प्रक्रिया सोमवार को शुरू कर दी. साइप्रेस मनी ने गैर-पंजीकृत निवेश परामर्श इकाई के जरिए शुल्क और शोध विश्लेषक सेवाओं से धन जुटाए हैं. बाजार नियामक सेबी ने एक सार्वजनिक सूचना में कहा कि लोग रिफंड के अपने दावे 30 नवंबर तक जमा करा सकते हैं.

सेबी के मुताबिक साइप्रेस मनी और उसके सहयोगी अनुभव कांडपाल, सौम्या काला और सुमन काला अक्टूबर 2015 से जून 2017 के बीच लोगों को निवेश परामर्श सेवाएं उपलब्ध करा रहे थे. साथ ही शोध विश्लेषक सेवाओं के तौर पर शेयरों में निवेश करने के सुझाव भी दे रहे थे. इस तरह की सेवाओं के लिए शुल्क रूप में इन्होंने 90 शहरों से 14.7 लाख रुपये जुटाए. ये सभी सेबी के साथ पंजीकरण कराए बिना निवेश परामर्शक और शोध विश्लेषक की सेवाएं उपलब्ध करा रहे थे.  

सेबी ने मई 2018 में साइप्रेस मनी और उसके सहयोगियों पर प्रतिभूति बाजार में काम करने पर कम से कम तीन साल की रोक लगा दी थी और उन्हें ग्राहकों का पैसा वापस करने के निर्देश दिए थे. साइप्रेस मनी और उसके सहयोगी ग्राहकों का पैसा वापस करने में असफल रहे। इसके बाद सेबी ने फरवरी 2019 में उनसे वसूली प्रक्रिया शुरू की. 



(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)