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Indian Economy


'Indian Economy' - 36 News Result(s)

  • एक लाख करोड़ रुपये से नीचे आया GST संग्रह, मार्च में जमा हुए महज 97,597 करोड़

    एक लाख करोड़ रुपये से नीचे आया GST संग्रह, मार्च में जमा हुए महज 97,597 करोड़

    अर्थव्यवस्था में पहले से ही जारी नरमी के बीच कोरोना वायरस महामारी के कारण कंपनियों का परिचालन ठप होने से मार्च में माल एवं सेवा कर (जीएसटी) संग्रह पिछले चार महीने में पहली बार एक लाख करोड़ रुपये के स्तर से नीचे आ गया.

  • देश की आर्थिक वृद्धि दर अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में 4.7 प्रतिशत रही

    देश की आर्थिक वृद्धि दर अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में 4.7 प्रतिशत रही

    आंकड़ों के अनुसार कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस तथा उर्वरक क्षेत्र में आलोच्य माह के दौरान गिरावट दर्ज की गयी. चालू वित्त वर्ष में अप्रैल-जनवरी अवधि के दौरान बुनियादी उद्योगों की वृद्धि दर घटकर 0.6 प्रतिशत रही है जो कि एक साल पहले इसी अवधि में 4.4 प्रतिशत रही थी.

  • वैश्विक सुस्ती का असर, भारत का निर्यात जनवरी में 1.66 फीसदी घटा

    वैश्विक सुस्ती का असर, भारत का निर्यात जनवरी में 1.66 फीसदी घटा

    शुक्रवार को जारी आधिकारिक आंकड़े के अनुसार, जनवरी में निर्यात 25.97 अरब डॉलर रहा, जबकि पिछले साल की जनवरी में निर्यात 26.41 अरब डॉलर रहा.वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने एक बयान में कहा, "अप्रैल-जनवरी 2019-20 की अवधि में कुल निर्यात 265.26 अरब डॉलर हुआ.

  • थोक मुद्रास्फीति जनवरी में बढ़कर 3.1 प्रतिशत हुई

    थोक मुद्रास्फीति जनवरी में बढ़कर 3.1 प्रतिशत हुई

    खाद्य वस्तुओं में सब्जियों की कीमतें 52.72 प्रतिशत बढ़ीं, जिसमें सबसे अधिक योगदान प्याज का रहा. इस दौरान प्याज की कीमतों में 293 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई, जबकि इसके बाद आलू की कीमतों में 37.34 प्रतिशत इजाफा हुआ. इस सप्ताह की शुरुआत में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) पर आधारित खुदरा मुद्रास्फीति जनवरी में छह साल के उच्चतम 7.59 प्रतिशत के करीब पहुंच गई थी.

  • भारतीय अर्थव्यवस्था को झटका, दिसंबर थोक मुद्रास्फीति दर बढ़कर 2.59 प्रतिशत पर

    भारतीय अर्थव्यवस्था को झटका, दिसंबर थोक मुद्रास्फीति दर बढ़कर 2.59 प्रतिशत पर

    वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की ओर मंगलवार को जारी आंकड़े के अनुसार, थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) पर आधारित भारत की वार्षिक मुद्रास्फीति की दर दिसंबर 2019 में 2.59 प्रतिशत हो गई है.

  • आठ प्रतिशत GDP वृद्धि के लिए श्रम उत्पादकता बढ़ाने की जरूरत: इंडिया रेटिंग्स

    आठ प्रतिशत GDP वृद्धि के लिए श्रम उत्पादकता बढ़ाने की जरूरत: इंडिया रेटिंग्स

    रेटिंग एजेंसी के मुताबिक , आर्थिक नरमी को देखते हुए निकट भविष्य में इसके हासिल होने की संभावना नहीं है. हालांकि , यह असंभव काम नहीं है. एजेंसी ने कहा," श्रम उत्पादकता में वृद्धि के इस स्तर को पहले हासिल किया जा चुका है . अन्य देशों की तरह भारत की श्रम उत्पादकता वृद्धि में भी 2008 के वित्तीय संकट के बाद खासकर 2010-11 और 2014-15 में दबाव आया है.

  • जर्मनी को पछाड़कर 2026 में चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है भारत: रिपोर्ट

    जर्मनी को पछाड़कर 2026 में चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है भारत: रिपोर्ट

    भारत 2026 में जर्मनी को पछाड़कर विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था और वर्ष 2034 में जापान को पीछे छोड़कर विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है.

  • वित्तमंत्री सीतारमण ने कहा: सरकार आर्थिक मामलों में आगे और भी सुधार को तैयार है

    वित्तमंत्री सीतारमण ने कहा: सरकार आर्थिक मामलों में आगे और भी सुधार को तैयार है

    वित्त मंत्री ने कहा, ‘मैं तो केवल आप को आमंत्रित ही कर सकती हूं और आश्वासन दे सकती हूं कि भारत आगे अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों में और भी सुधार करने को प्रतिबद्ध है. इसमें बैंकिंग क्षेत्र हो सकता है, बीमा और खनन क्षेत्र हो सकता है और ऐसे अनेक दूसरे क्षेत्र भी हो सकते हैं.

  • DBS का अनुमान- दूसरी छमाही में बनी रह सकती है आर्थिक सुस्ती

    DBS का अनुमान- दूसरी छमाही में बनी रह सकती है आर्थिक सुस्ती

    .DBS ने अपनी दैनिक आर्थिक रिपोर्ट में कहा है, "वर्ष 2019 में अप्रैल से जून के पांच प्रतिशत के मुकाबले जुलाई से सितंबर में साल दर साल आधार पर वास्तविक जीडीपी वृद्धि 4.3 प्रतिशत रह सकती है." बैंक ने कहा है कि निजी क्षेत्र में गतिविधियों के कमजोर रहने के साथ साथ आर्थिक वृद्धि के लिहाज से अहम माने जाने वाले खपत क्षेत्र में सुस्ती बढ़ सकती है.

  • विश्व व्यापार में और गिरावट की आशंका : आरबीआई

    विश्व व्यापार में और गिरावट की आशंका : आरबीआई

    भारतीय अर्थव्यवस्था पहले से ही मंदी की चपेट में है. इसी बीच भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने विश्व व्यापार में और भी गिरावट की आशंका व्यक्त की है. शीर्ष बैंक ने अपनी मौद्रिक नीति रिपोर्ट में कहा है कि भविष्य के संकेतों से पता चलता है कि इस साल विश्व व्यापार में और गिरावट आने की आशंका है. 

  • इन्फोसिस का दूसरी तिमाही का शुद्ध लाभ 2.2 प्रतिशत घटकर 4,019 करोड़ रुपये पर

    इन्फोसिस का दूसरी तिमाही का शुद्ध लाभ 2.2 प्रतिशत घटकर 4,019 करोड़ रुपये पर

    इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में कंपनी ने 4,110 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया था. शेयर बाजारों को भेजी सूचना में बेंगलुरु की कंपनी ने कहा कि तिमाही के दौरान उसकी आय 9.8 प्रतिशत बढ़कर 22,629 करोड़ रुपये पर पहुंच गई, जो इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 20,609 करोड़ रुपये थी. 

  • आर्थिक आंकड़ों और कंपनियों के वित्तीय नतीजों का शेयर बाजार पर पड़ेगा प्रभाव

    आर्थिक आंकड़ों और कंपनियों के वित्तीय नतीजों का शेयर बाजार पर पड़ेगा प्रभाव

    देश के शेयर बाजार की चाल तय करने में इस सप्ताह जारी होने वाले प्रमुख आर्थिक आंकड़ों के साथ-साथ घरेलू कंपनियों की दूसरी तिमाही के वित्तीय नतीजों की अहम भूमिका होगी. इसके अलावा, घरेलू व विदेशी घटनाक्रमों और डॉलर के मुकाबले रुपये की चाल का भी असर देखने को मिलेगा. भारतीय शेयर बाजार में बीते सप्ताह बिकवाली के भारी दबाव में प्रमुख संवेदी सूचकांकों में भारी गिरावट दर्ज की गई, लेकिन इस सप्ताह कई प्रमुख घरेलू कंपनियां 30 सितंबर को समाप्त हुई तिमाही के लिए अपनी वित्तीय नतीजों की घोषणाएं करने वाली हैं जिन पर निवेशकों की विशेष नजर होगी और इससे बाजार को दिशा भी मिलेगी. साथ ही, बाजार की दिशा तय करने में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों यानी एफपीआई और घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) के निवेश के प्रति रुझान की अहम भूमिका होगी.

  • त्यौहारी मांग के कारण अधिकतर तेल तिलहन की कीमतों में सुधार

    त्यौहारी मांग के कारण अधिकतर तेल तिलहन की कीमतों में सुधार

    अंतरराष्ट्रीय बाजारों में तेजी के रुख और त्यौहारी मांग के कारण स्थानीय तेल तिलहन बाजार में बीते सप्ताह सरसों सहित ज्यादातर तेल तिलहनों में मामूली सुधार देखने को मिला. दूसरी ओर सर्दी आने की वजह से मांग कम होने से पामोलीन तेल कीमत पूर्वस्तर पर बनी रही जबकि पर्याप्त स्टॉक तथा सस्ते आयात के कारण मूंगफली तेल, तिलहन कीमत में गिरावट दर्ज हुई. बाजार सूत्रों ने कहा कि अगले सप्ताह के बाद से सरसों की बिजाई शुरु होनी है. इससे पहले नाफेड की सरसों बिकवाली से विशेषकर सरसों किसान बेहाल हैं जिन्हें नाफेड द्वारा एमएसपी से कम दर पर सरसों के बेचने से अपनी लागत को निकालना भी मुश्किल हो रहा है.

  • बीते हफ्ते अधिकांश तेल तिलहन कीमतों में मामूली गिरावट

    बीते हफ्ते अधिकांश तेल तिलहन कीमतों में मामूली गिरावट

    अंतरराष्ट्रीय बाजारों में तेजी के बावजूद देश में सस्ते आयात के कारण बीते सप्ताह अधिकांश तेल तिलहन कीमतों में गिरावट देखी गई. बाजार सूत्रों ने कहा कि बेहद साधारण मांग की वजह से केवल सरसों दाना और सीपीओ एक्स-कांडला के भाव में तेजी के अलावा अन्य तेल तिलहनों के दाम घाटे के साथ बंद हुए. उन्होंने कहा कि देश में त्योहारी मांग आने वाले दिनों में बढ़ने की संभावना है.

  • अक्षय ऊर्जा प्रमाणपत्रों की बिक्री अगस्त में 47 प्रतिशत घटी

    अक्षय ऊर्जा प्रमाणपत्रों की बिक्री अगस्त में 47 प्रतिशत घटी

    अक्षय ऊर्जा प्रमाणपत्रों की बिक्री अगस्त में 47 प्रतिशत से अधिक गिरकर 4.3 लाख इकाई रही. इसकी अहम वजह आपूर्ति में कमी आना है. पिछले साल इसी माह में इनकी बिक्री 8.19 लाख इकाई रही थी. देश में अक्षय ऊर्जा प्रमाणपत्रों की खरीद-फरोख्त के लिए इंडियन एनर्जी एक्सचेंज (आईईएक्स) और पावर एक्सचेंज ऑफ इंडिया (पीएक्सआईएल) काम कर रही हैं.

'Indian Economy' - 36 News Result(s)

  • एक लाख करोड़ रुपये से नीचे आया GST संग्रह, मार्च में जमा हुए महज 97,597 करोड़

    एक लाख करोड़ रुपये से नीचे आया GST संग्रह, मार्च में जमा हुए महज 97,597 करोड़

    अर्थव्यवस्था में पहले से ही जारी नरमी के बीच कोरोना वायरस महामारी के कारण कंपनियों का परिचालन ठप होने से मार्च में माल एवं सेवा कर (जीएसटी) संग्रह पिछले चार महीने में पहली बार एक लाख करोड़ रुपये के स्तर से नीचे आ गया.

  • देश की आर्थिक वृद्धि दर अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में 4.7 प्रतिशत रही

    देश की आर्थिक वृद्धि दर अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में 4.7 प्रतिशत रही

    आंकड़ों के अनुसार कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस तथा उर्वरक क्षेत्र में आलोच्य माह के दौरान गिरावट दर्ज की गयी. चालू वित्त वर्ष में अप्रैल-जनवरी अवधि के दौरान बुनियादी उद्योगों की वृद्धि दर घटकर 0.6 प्रतिशत रही है जो कि एक साल पहले इसी अवधि में 4.4 प्रतिशत रही थी.

  • वैश्विक सुस्ती का असर, भारत का निर्यात जनवरी में 1.66 फीसदी घटा

    वैश्विक सुस्ती का असर, भारत का निर्यात जनवरी में 1.66 फीसदी घटा

    शुक्रवार को जारी आधिकारिक आंकड़े के अनुसार, जनवरी में निर्यात 25.97 अरब डॉलर रहा, जबकि पिछले साल की जनवरी में निर्यात 26.41 अरब डॉलर रहा.वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने एक बयान में कहा, "अप्रैल-जनवरी 2019-20 की अवधि में कुल निर्यात 265.26 अरब डॉलर हुआ.

  • थोक मुद्रास्फीति जनवरी में बढ़कर 3.1 प्रतिशत हुई

    थोक मुद्रास्फीति जनवरी में बढ़कर 3.1 प्रतिशत हुई

    खाद्य वस्तुओं में सब्जियों की कीमतें 52.72 प्रतिशत बढ़ीं, जिसमें सबसे अधिक योगदान प्याज का रहा. इस दौरान प्याज की कीमतों में 293 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई, जबकि इसके बाद आलू की कीमतों में 37.34 प्रतिशत इजाफा हुआ. इस सप्ताह की शुरुआत में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) पर आधारित खुदरा मुद्रास्फीति जनवरी में छह साल के उच्चतम 7.59 प्रतिशत के करीब पहुंच गई थी.

  • भारतीय अर्थव्यवस्था को झटका, दिसंबर थोक मुद्रास्फीति दर बढ़कर 2.59 प्रतिशत पर

    भारतीय अर्थव्यवस्था को झटका, दिसंबर थोक मुद्रास्फीति दर बढ़कर 2.59 प्रतिशत पर

    वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की ओर मंगलवार को जारी आंकड़े के अनुसार, थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) पर आधारित भारत की वार्षिक मुद्रास्फीति की दर दिसंबर 2019 में 2.59 प्रतिशत हो गई है.

  • आठ प्रतिशत GDP वृद्धि के लिए श्रम उत्पादकता बढ़ाने की जरूरत: इंडिया रेटिंग्स

    आठ प्रतिशत GDP वृद्धि के लिए श्रम उत्पादकता बढ़ाने की जरूरत: इंडिया रेटिंग्स

    रेटिंग एजेंसी के मुताबिक , आर्थिक नरमी को देखते हुए निकट भविष्य में इसके हासिल होने की संभावना नहीं है. हालांकि , यह असंभव काम नहीं है. एजेंसी ने कहा," श्रम उत्पादकता में वृद्धि के इस स्तर को पहले हासिल किया जा चुका है . अन्य देशों की तरह भारत की श्रम उत्पादकता वृद्धि में भी 2008 के वित्तीय संकट के बाद खासकर 2010-11 और 2014-15 में दबाव आया है.

  • जर्मनी को पछाड़कर 2026 में चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है भारत: रिपोर्ट

    जर्मनी को पछाड़कर 2026 में चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है भारत: रिपोर्ट

    भारत 2026 में जर्मनी को पछाड़कर विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था और वर्ष 2034 में जापान को पीछे छोड़कर विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है.

  • वित्तमंत्री सीतारमण ने कहा: सरकार आर्थिक मामलों में आगे और भी सुधार को तैयार है

    वित्तमंत्री सीतारमण ने कहा: सरकार आर्थिक मामलों में आगे और भी सुधार को तैयार है

    वित्त मंत्री ने कहा, ‘मैं तो केवल आप को आमंत्रित ही कर सकती हूं और आश्वासन दे सकती हूं कि भारत आगे अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों में और भी सुधार करने को प्रतिबद्ध है. इसमें बैंकिंग क्षेत्र हो सकता है, बीमा और खनन क्षेत्र हो सकता है और ऐसे अनेक दूसरे क्षेत्र भी हो सकते हैं.

  • DBS का अनुमान- दूसरी छमाही में बनी रह सकती है आर्थिक सुस्ती

    DBS का अनुमान- दूसरी छमाही में बनी रह सकती है आर्थिक सुस्ती

    .DBS ने अपनी दैनिक आर्थिक रिपोर्ट में कहा है, "वर्ष 2019 में अप्रैल से जून के पांच प्रतिशत के मुकाबले जुलाई से सितंबर में साल दर साल आधार पर वास्तविक जीडीपी वृद्धि 4.3 प्रतिशत रह सकती है." बैंक ने कहा है कि निजी क्षेत्र में गतिविधियों के कमजोर रहने के साथ साथ आर्थिक वृद्धि के लिहाज से अहम माने जाने वाले खपत क्षेत्र में सुस्ती बढ़ सकती है.

  • विश्व व्यापार में और गिरावट की आशंका : आरबीआई

    विश्व व्यापार में और गिरावट की आशंका : आरबीआई

    भारतीय अर्थव्यवस्था पहले से ही मंदी की चपेट में है. इसी बीच भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने विश्व व्यापार में और भी गिरावट की आशंका व्यक्त की है. शीर्ष बैंक ने अपनी मौद्रिक नीति रिपोर्ट में कहा है कि भविष्य के संकेतों से पता चलता है कि इस साल विश्व व्यापार में और गिरावट आने की आशंका है. 

  • इन्फोसिस का दूसरी तिमाही का शुद्ध लाभ 2.2 प्रतिशत घटकर 4,019 करोड़ रुपये पर

    इन्फोसिस का दूसरी तिमाही का शुद्ध लाभ 2.2 प्रतिशत घटकर 4,019 करोड़ रुपये पर

    इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में कंपनी ने 4,110 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया था. शेयर बाजारों को भेजी सूचना में बेंगलुरु की कंपनी ने कहा कि तिमाही के दौरान उसकी आय 9.8 प्रतिशत बढ़कर 22,629 करोड़ रुपये पर पहुंच गई, जो इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 20,609 करोड़ रुपये थी. 

  • आर्थिक आंकड़ों और कंपनियों के वित्तीय नतीजों का शेयर बाजार पर पड़ेगा प्रभाव

    आर्थिक आंकड़ों और कंपनियों के वित्तीय नतीजों का शेयर बाजार पर पड़ेगा प्रभाव

    देश के शेयर बाजार की चाल तय करने में इस सप्ताह जारी होने वाले प्रमुख आर्थिक आंकड़ों के साथ-साथ घरेलू कंपनियों की दूसरी तिमाही के वित्तीय नतीजों की अहम भूमिका होगी. इसके अलावा, घरेलू व विदेशी घटनाक्रमों और डॉलर के मुकाबले रुपये की चाल का भी असर देखने को मिलेगा. भारतीय शेयर बाजार में बीते सप्ताह बिकवाली के भारी दबाव में प्रमुख संवेदी सूचकांकों में भारी गिरावट दर्ज की गई, लेकिन इस सप्ताह कई प्रमुख घरेलू कंपनियां 30 सितंबर को समाप्त हुई तिमाही के लिए अपनी वित्तीय नतीजों की घोषणाएं करने वाली हैं जिन पर निवेशकों की विशेष नजर होगी और इससे बाजार को दिशा भी मिलेगी. साथ ही, बाजार की दिशा तय करने में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों यानी एफपीआई और घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) के निवेश के प्रति रुझान की अहम भूमिका होगी.

  • त्यौहारी मांग के कारण अधिकतर तेल तिलहन की कीमतों में सुधार

    त्यौहारी मांग के कारण अधिकतर तेल तिलहन की कीमतों में सुधार

    अंतरराष्ट्रीय बाजारों में तेजी के रुख और त्यौहारी मांग के कारण स्थानीय तेल तिलहन बाजार में बीते सप्ताह सरसों सहित ज्यादातर तेल तिलहनों में मामूली सुधार देखने को मिला. दूसरी ओर सर्दी आने की वजह से मांग कम होने से पामोलीन तेल कीमत पूर्वस्तर पर बनी रही जबकि पर्याप्त स्टॉक तथा सस्ते आयात के कारण मूंगफली तेल, तिलहन कीमत में गिरावट दर्ज हुई. बाजार सूत्रों ने कहा कि अगले सप्ताह के बाद से सरसों की बिजाई शुरु होनी है. इससे पहले नाफेड की सरसों बिकवाली से विशेषकर सरसों किसान बेहाल हैं जिन्हें नाफेड द्वारा एमएसपी से कम दर पर सरसों के बेचने से अपनी लागत को निकालना भी मुश्किल हो रहा है.

  • बीते हफ्ते अधिकांश तेल तिलहन कीमतों में मामूली गिरावट

    बीते हफ्ते अधिकांश तेल तिलहन कीमतों में मामूली गिरावट

    अंतरराष्ट्रीय बाजारों में तेजी के बावजूद देश में सस्ते आयात के कारण बीते सप्ताह अधिकांश तेल तिलहन कीमतों में गिरावट देखी गई. बाजार सूत्रों ने कहा कि बेहद साधारण मांग की वजह से केवल सरसों दाना और सीपीओ एक्स-कांडला के भाव में तेजी के अलावा अन्य तेल तिलहनों के दाम घाटे के साथ बंद हुए. उन्होंने कहा कि देश में त्योहारी मांग आने वाले दिनों में बढ़ने की संभावना है.

  • अक्षय ऊर्जा प्रमाणपत्रों की बिक्री अगस्त में 47 प्रतिशत घटी

    अक्षय ऊर्जा प्रमाणपत्रों की बिक्री अगस्त में 47 प्रतिशत घटी

    अक्षय ऊर्जा प्रमाणपत्रों की बिक्री अगस्त में 47 प्रतिशत से अधिक गिरकर 4.3 लाख इकाई रही. इसकी अहम वजह आपूर्ति में कमी आना है. पिछले साल इसी माह में इनकी बिक्री 8.19 लाख इकाई रही थी. देश में अक्षय ऊर्जा प्रमाणपत्रों की खरीद-फरोख्त के लिए इंडियन एनर्जी एक्सचेंज (आईईएक्स) और पावर एक्सचेंज ऑफ इंडिया (पीएक्सआईएल) काम कर रही हैं.

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