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आखिर क्‍यों आई डॉलर के मुकाबले रुपये में ऐतिहासिक गिरावट, जानें क्‍या है तुर्की संकट

तुर्की की मुद्रा 'लीरा' में सोमवार को 11 फीसदी की गिरावट दर्ज हुई, जिससे दुनियाभर के बाजारों में खलबली मच गई.

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आखिर क्‍यों आई डॉलर के मुकाबले रुपये में ऐतिहासिक गिरावट, जानें क्‍या है तुर्की संकट

फाइल फोटो


नई दिल्ली: 

तुर्की की मुद्रा 'लीरा' में सोमवार को 11 फीसदी की गिरावट दर्ज हुई, जिससे दुनियाभर के बाजारों में खलबली मच गई. सीएनएन के मुताबिक, तुर्की की मुद्रा लीरा में एशिया में सुबह के कारोबार में डॉलर के मुकाबले 11 फीसदी की गिरावट दर्ज हुई. लीरा में बीते सप्ताह 20 फीसदी से अधिक की गिरावट हुई थी. इसका असर भारत में भी देखने को मिला. सोमवार को घरेलू एवं वैश्विक शेयर बाजार में गिरावट के बीच रुपया ने सारी शुरुआती बढ़त खो दी. अंतर बैंकिंग मुद्रा बाजार में रुपया शुरुआती कारोबार में डॉलर के मुकाबले 79 पैसे गिरकर 69.62 रुपये प्रति डॉलर के रिकॉर्ड निम्नतम स्तर पर आ गया. 

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सोमवार को टोक्यो, हांगकांग और शंघाई के शेयर बाजारों में 1.5 फीसदी से अधिक की गिरावट दर्ज हुई. तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तइप एर्दोगन ने इस संकट से निबटने के लिए ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावनाओं को खारिज किया और अमेरिका को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने कहा, "हम घुटने नहीं टेकेंगे. अगर आप डॉलर के साथ हमारे पास आओगे तो हम कारोबार करने का दूसरा तरीका खोज निकालेंगे." नया साल शुरू होने के बाद से लीरा में डॉलर के मुकाबले लगभग 45 फीसदी की गिरावट दर्ज हुई है. 

आपको बता दें कि मुद्रा का यह संकट ऐसे समय आया है जब तुर्की का अमेरिका के साथ संबंध 1974 के बाद के सबसे बुरे दौर में है. संबंधों में सुधार के भी फिलहाल कोई संकेत नहीं मिल रहे हैं. तुर्की के इस मुद्रा संकट ने वैश्विक स्तर पर शेयर बाजारों पर भी असर डाला है. कुछ यूरोपीय बैंक तुर्की को दिये भारी कर्ज के कारण इस संकट की चपेट में आ गये हैं. तुर्की की करेंसी 'लीरा' में 10 अगस्‍त को आई गिरावट एर्दोआन के 2003 में सत्ता में आने के बाद से यह तुर्की का सबसे बड़ा आर्थिक संकट है. इससे पहले तुर्की ने 2001 में भीषण आर्थिक संकट का सामना किया था.

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तुर्की का आरोप है कि दो साल पहले हुई तख्तापलट की कोशिश में पादरी ब्रुनसन की भी संलिप्तता है. एर्दुआन ने कहा था कि उनके पास इस संकट में ईरान से लेकर रूस तक और चीन से लेकर कुछ यूरोपीय देश तक विकल्प हैं. इस बीच एर्दोआन ने कल रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन से टेलीफोन पर बातचीत की. कैपिटल इकोनॉमिक्स के मुख्य वैश्विक अर्थशास्त्री एंड्र्यू केनिंघम ने कहा, ‘मई में शुरू हुई लीरा की गिरावट अब ऐसी स्थिति में आ गयी है जो तुर्की की अर्थव्यवस्था को मंदी में धकेल देगी और यह बैंकिंग संकट उत्पन्न कर सकती है.’    

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