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आर्थिक वृद्धि में नरमी, NBFC संकट से फंसे कर्ज के मामले में जोखिम: मूडीज

मार्च 2020 तक एनपीए 9.3 प्रतिशत से कम होकर 9 प्रतिशत पर आ जाने का अनुमान है.

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आर्थिक वृद्धि में नरमी, NBFC संकट से फंसे कर्ज के मामले में जोखिम: मूडीज

एक समय बैंकों का एनपीए 12 प्रतिशत तक पहुंच गया था.


नई दिल्ली: 

बैंकिग क्षेत्र फंसे कर्ज की समस्या से धीरे-धीरे बाहर आ रहा है लेकिन आर्थिक वृद्धि में नरमी तथा गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) में संकट जारी रहने से उनकी संपत्ति (ऋण खातों) की गुणवत्ता के समक्ष नई चुनौतियां उत्पन्न होने के जोखिम हैं. अंतरराष्ट्रीय रेटिंग एजेंसी मूडीज ने एक रिपोर्ट में यह कहा है. सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि दर मार्च तिमाही में पांच साल के न्यूनतम स्तर 5.8 प्रतिशत रहने के बीच यह रिपोर्ट आयी है. मूडीज ने कहा कि अगले एक से डेढ़ साल में वृद्धि दर कमजोर रहेगी. हालांकि रिपोर्ट में वृद्धि के बारे में कोई आंकड़ा नहीं दिया गया है.

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सरकार ने वित्त वर्ष 2019-20 के लिये वृद्धि दर 8 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है. मूडीज की वरिष्ठ साख विश्लेषक अलका अनबरासू ने सोमवार को आगाह करते हुए कहा, ‘बैंकों का परिचालन माहौल स्थिर बना रहेगा, लेकिन नरमी के कारण उनकी संपत्ति की गुणवत्ता को लेकर चुनौतियां हैं.'उन्होंने कहा कि आर्थिक वृद्धि में नरमी से खुदरा क्षेत्र और छोटे एवं मझोले उद्यम खंडों में फंसे कर्ज की स्थिति बिगड़ सकती है. 

एजेंसी ने कहा कि नरमी ऐसे समय आयी है जब बैंक गैर-निष्पादित परिसंपत्ति से धीरे-धीरे बाहर आ रहे हैं. एक समय बैंकों का एनपीए 12 प्रतिशत तक पहुंच गया था जो अब कम होकर 10 प्रतिशत से नीचे आया है. अनबरासू ने कहा कि कंपनी क्षेत्र में सुधार और पूर्व की कर्ज समस्या से सुधार से गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों के नये फंसे कर्ज में कमी आएगी.

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रिपोर्ट के अनुसार सरकार के बैंकों में पूंजी डाले जाने से सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को पूंजी स्तर मौजूदा स्तर पर बनाये रखने में मदद मिलेगी. कुछ निजी क्षेत्र के बैंक भी बाजारों से पूंजी जुटाने की प्रक्रिया में है. उन्होंने कहा कि पूरी व्यवस्था में लाभ की स्थिति सुधरेगी लेकिन यह कमजोर रहेगी और वित्त पोषण तथा नकदी स्थिर बनी रहेगी. उल्लेखनीय है कि रिजर्व बैंक के अनुसार मार्च 2020 तक एनपीए 9.3 प्रतिशत से कम होकर 9 प्रतिशत पर आ जाने का अनुमान है. वहीं वृद्धि दर 7 प्रतिशत रहने की संभावना है जो 2018-19 में 6.8 प्रतिशत थी.



(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)


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