खुदरा मुद्रास्फीति अप्रैल में बढ़कर 4.58 प्रतिशत

उल्लेखनीय है कि भारतीय रिजर्व बैंक नीतिगत ब्याज दर पर फैसला करते समय इसी मुद्रास्फीति पर विचार करता है.

खुदरा मुद्रास्फीति अप्रैल में बढ़कर 4.58 प्रतिशत

प्रतीकात्मक फोटो

नई दिल्ली: अनाज, मीट, मछली व फलों की कीमतों में तेजी के बीच खुदरा मुद्रास्फीति अप्रैल महीने में बढ़कर 4.58 प्रतिशत हो गई. इस तरह से खुदरा मुद्रास्फीति में कई महीने की गिरावट पर विराम लग गया. उपभोक्ता मूल्य सूचकांक ( सीपीआई ) आधारित मुद्रास्फीति मार्च में 4.28 प्रतिशत रही थी. उल्लेखनीय है कि भारतीय रिजर्व बैंक नीतिगत ब्याज दर पर फैसला करते समय इसी मुद्रास्फीति पर विचार करता है.

यह मुद्रास्फीति पिछले साल अप्रैल में 2.99 प्रतिशत थी. उपभोक्ता मूल्य सूचकांक में इस साल जनवरी से ही गिरावट आ रही थी.

केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) के आंकड़ों के अनुसार प्रोटीन की अच्छी मात्रा वाले उत्पादों यथा मीट व मछली के लिए कीमतों में वृद्धि की दर अप्रैल में 3.59 प्रतिशत रही जो कि पूर्व माह में 3.17 प्रतिशत रही थी. 

इसी तरह फल वर्ग के लिए मुद्रास्फीति आलोच्य माह में 9.65% रही जो कि पूर्व महीने में 5.78% रही थी. हालांकि, सब्जी वर्ग की मुद्रास्फीति अप्रैल में 7.29% पर कम रही जो पहले 11.7% थी. 

कुल मिलाकर खाद्य उत्पाद वर्ग की मुद्रास्फीति मासिक आधार पर 2.8 प्रतिशत पर स्थिर रही. सीएसओ के आंकड़ों के अनुसार ईंधन व बिजली खंड के लिए मुद्रास्फीति मासिक आधार पर घटकर 5.24 प्रतिशत रही.
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