रिजर्व बैंक ने बैंकों से ऋण की ब्याज दर को बाहरी मानक से जोड़ने का निर्देश दिया 

भारतीय रिजर्व बैंक ने सभी बैंकों को आवास, व्यक्तिगत और सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उपक्रमों को सभी नए फ्लोटिंग दर वाले ऋणों को रेपो दर सहित बाहरी मानकों से जोड़ने का निर्देश दिया है.

रिजर्व बैंक ने बैंकों से ऋण की ब्याज दर को बाहरी मानक से जोड़ने का निर्देश दिया 

प्रतीकात्मक फोटो.

मुंबई:

भारतीय रिजर्व बैंक ने सभी बैंकों को आवास, व्यक्तिगत और सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उपक्रमों को सभी नए फ्लोटिंग दर वाले ऋणों को रेपो दर सहित बाहरी मानकों से जोड़ने का निर्देश दिया है. इससे नीतिगत ब्याज दरों में कटौती का लाभ कर्ज लेने वाले उपभोक्ताओं तक अपेक्षाकृत तेजी से पहुंचने की उम्मीद है.

इस वित्तीय वर्ष के दौरान बैंक फ्रॉड में हुआ जबर्दस्त इजाफा, RBI ने जारी की सालाना रिपोर्ट

रिजर्व बैंक ने गुरुवार को बयान जारी कर कहा कि ऐसा देखने को मिला है कि मौजूदा कोष की सीमान्त लागत आधारित ऋण दर (एमसीएलआर) व्यवस्था में नीतिगत दरों में बदलाव को बैंकों की ऋण दरों तक पहुंचाना कई कारणों से संतोषजनक नहीं है. इसी के मद्देनजर रिजर्व बैंक ने सर्कुलर जारी कर बैंकों के लिए सभी नए फ्लोटिंग दर वाले व्यक्तिगत या खुदरा ऋण और एमएसएमई को फ्लोटिंग दर वाले कर्ज को एक अक्टूबर, 2019 से बाहरी मानक से जोड़ने को अनिवार्य कर दिया है.

Newsbeep

RBI के नाम पर ऑनलाइन ठगी करते थे पिता-पुत्र, MP पुलिस ने दिल्ली जाकर धर दबोचा

केंद्रीय बैंक ने कहा है कि बाहरी मानक आधारित ब्याज दर को तीन महीने में कम से कम एक बार नए सिरे से तय किया जाना जरूरी होगा. करीब एक दर्जन बैंक पहले ही अपनी ऋण दर को रिजर्व बैंक की रेपो दर से जोड़ चुके हैं. 
 



(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)