This Article is From May 21, 2019

IOC को पीछे छोड़ देश की सबसे ज्यादा कारोबार करने वाली कंपनी बनी रिलायंस इंडस्ट्रीज

आरआईएल शुद्ध लाभ हासिल करने के मामले में भी सबसे आगे रही. समाप्त वित्त वर्ष में उसका शुद्ध लाभ आईओसी के मुकाबले दोगुने से भी अधिक रहा.

IOC को पीछे छोड़ देश की सबसे ज्यादा कारोबार करने वाली कंपनी बनी रिलायंस इंडस्ट्रीज

रिलायंस बनी सबसे ज्यादा कारोबार करने वाली कंपनी

नई दिल्ली:

देश के सबसे धनी व्यक्ति मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) सार्वजनिक क्षेत्र की इंडियन ऑयल कार्पोरेशन (आईओसी) को पीछे छोड़ते हुए देश में सबसे अधिक आय दर्ज करने वाली कंपनी बन गयी है. पेट्रोलियम से लेकर, खुदरा व्यापार और दूरसंचार जैसे विविध क्षेत्रों में फैली आरआईएल का 2018- 19 में कुल कारोबार 6.23 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया जबकि आईओसी ने 31 मार्च 2019 को समाप्त वित्त वर्ष में 6.17 लाख करोड़ रुपये का एकीकृत कारोबार किया. दोनों कंपनियों द्वारा दी गई नियामकीय सूचना में यह जानकारी सामने आई है.

आरआईएल शुद्ध लाभ हासिल करने के मामले में भी सबसे आगे रही. समाप्त वित्त वर्ष में उसका शुद्ध लाभ आईओसी के मुकाबले दोगुने से भी अधिक रहा. बढ़ते कारोबार के बीच रिलायंस का शुद्ध लाभ 2018- 19 में 39,588 करोड़ रुपये रहा जबकि इंडियन आयल ने समाप्त वित्त वर्ष में 17,274 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया है. करीब एक दशक पहले इंडियन आयल के मुकाबले आईओसी का कारोबार आधा था लेकिन कंपनी द्वारा दूरसंचार, खुदरा और डिजिटल सेवाओं के क्षेत्र में विस्तार करने से उसके कारोबार में तेजी से वृद्धि हुई.

आईओसी पिछले साल तक देश की सबसे ज्यादा मुनाफा कमाने वाली कंपनी थी लेकिन इस साल लगता है कि तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम (ओएनजीसी) उसे पीछे छोड़ देगा. ओएनजीसी के सालाना परिणाम अभी आने हैं. कंपनी पहले नौ माह में 22,671 करोड़ रुपये का मुनाफा हासिल कर चुकी है. इसके विपरीत रिलायंस इंडस्ट्रीज का शुद्ध लाभ 13 प्रतिशत बढ़कर 39,588 करोड़ रुपये हो गया जबकि 2017- 18 में उसने 34,988 करोड़ रुपये का मुनाफा हासिल किया था. सार्वजनिक क्षेत्र की ओएनजीसी ने 2017- 18 में 19,945.26 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया. तब यह आईओसी के मुकाबले पीछे थी. उस साल आईओसी ने 22,189.45 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हासिल किया.

इस लिहाज से रिलायंस इंडस्ट्रीज ने कुल कारोबार, मुनाफा और बाजार पूंजीकरण तीनों मानदंडों में शीर्ष स्थान हासिल कर लिया है. रिलायंस ने मजबूत रिफाइनिंग मार्जिन और तेजी से बढ़ते खुदरा कारोबार के चलते रिलायंस ने 2018- 19 में 44 प्रतिशत वृद्धि हासिल की. कंपनी ने वित्त वर्ष 2010 से लेकर 2019 की अवधि में साल दर साल 14 प्रतिशत की वृद्धि दर रही. इसके मुकाबले आईओसी की पिछले वित्त वर्ष में कारोबार वृद्धि 20 प्रतिशत और 2010 से 2019 की औसत सालाना वृद्धि दर 6.3 प्रतिशत रही.