रिजर्व बैंक ने मुद्रास्फीति अनुमान में मामूली वृद्धि की

इस दौरान खाद्य , ईंधन को छोड़कर अन्य समूहों में तीव्र वृद्धि का इसमें अधिक योगदान रहा. 

रिजर्व बैंक ने मुद्रास्फीति अनुमान में मामूली वृद्धि की

प्रतीकात्मक फोटो.

मुंबई: रिजर्व बैंक ने वैश्विक बाजार में कच्चे तेल के दाम बढ़ने पर चालू वित्त वर्ष में मुद्रास्फीति के बारे में अपने पहले के अनुमान को आज मामूली रूप से बढ़ा दिया. मौद्रिक नीति समिति की तीन दिन चली बैठक के बाद जारी वक्तव्य में रिजर्व बैंक ने कहा है कि उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित खुदरा मुद्रास्फीति अप्रैल में तेजी से बढ़कर 4.6 प्रतिशत पर पहुंच गई. इस दौरान खाद्य , ईंधन को छोड़कर अन्य समूहों में तीव्र वृद्धि का इसमें अधिक योगदान रहा. 

मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की अप्रैल में हुई बैठक के बाद से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की भारतीय बास्केट का दाम 66 डालर बढ़कर 74 डालर प्रति बैरल पर पहुंच गया. इसमें करीब 12 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई. विश्व बाजार में दूसरी उपभोक्ता जिंसों के दाम बढ़ने के साथ ही हाल के वैश्विक वित्तीय बाजार के घटनाक्रमों से विभिन्न उत्पादों के मामले में लागत दबाव बढ़ गया. 

विभिन्न घटनाक्रमों को ध्यान में रखते हुये रिजर्व बैंक ने 2018- 19 की पहली छमाही के लिये खुदरा मुद्रास्फीति के अनुमान को संशोधित कर 4.8- 4.9 प्रतिशत और इसके बाद की अवधि के लिये 4.7 प्रतिशत कर दिया. इसमें केन्द्र सरकार के कर्मचारियों को मिलने वाले बढ़े हुये आवास किराया भत्ते का असर भी शामिल है. साथ ही इसमें वृद्धि का जोखिम भी बताया गया है. पिछली मौद्रिक समीक्षा में रिजर्वबैंक ने सरकारी कर्मचारियों के आवास किराया भत्ते के प्रभाव सहित पहली छमाही के लिये मुद्रास्फीति के 4.7- 5.1 प्रतिशत अैर दूसरी छमाही के लिये 4.4 प्रतिशत का अनुमान लगाया था. 

रिजर्व बैंक ने आगे कहा है कि खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में होने वाले संशोधन के प्रभाव का इस समय आकलन करना संभव नही है , क्योंकि उपयुक्त ब्यौरा उपलब्ध नहीं है. इसके साथ ही बैंक ने कहा है कि यदि मानसून सामान्य रहता है और देश भर में इसका वितरण ठीकठाक रहता है तो इससे खाद्य मुद्रास्फीति में अनुकूल स्तर पर रह सकती है. कच्चे तेल के दाम हाल में काफी चढ़े हैं इससे मुद्रास्फीति परिदृश्य में काफी अनिश्चितता बनी है. यह अनिश्चितता इसमें वृद्धि और गिरावट दोनों को लेकर बनी है.

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)