24 घंटे प्रिटिंग प्रेस में चल रही 500, 200 रुपये के नोट की छपाई

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि देश में अनुमानित आधार पर 70,000 करोड़ रुपये की नकदी की कमी को पूरा करने के लिए इस हफ्ते मशीनें 500 और 200 रुपये के नोटों की अनवरत छपाई कर रही हैं.

24 घंटे प्रिटिंग प्रेस में चल रही 500, 200 रुपये के नोट की छपाई

प्रतीकात्मक फोटो

नई दिल्ली: देश के कुछ राज्यों में नकदी की तंगी के बीच सरकार ने नोटों की छपाई का काम तेज कर दिया है. चारों नोट छपाई कारखानों में 24 घंटे काम हो रहा है. एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि देश में अनुमानित आधार पर 70,000 करोड़ रुपये की नकदी की कमी को पूरा करने के लिए इस हफ्ते मशीनें 500 और 200 रुपये के नोटों की अनवरत छपाई कर रही हैं.

अधिकारी ने पीटीआई - भाषा से कहा कि भारतीय प्रतिभूति मुद्रण और मुद्रा निर्माण निगम लिमिटेड ( एसपीएमसीआईएल ) के चारों छपाईखाने औसतन दिन में 18 से 19 घंटे काम करते हैं , सिर्फ तीन से चार घंटे का ही विराम होता है. लेकिन नकदी की अचानक बढ़ी मांग और एटीएम मशीनों में नकदी खाली होने के चलते यह मुद्रणालय हफ्ते के सातों दिन और 24 घंटे काम कर रहे हैं.

आम तौर पर मुद्रा को प्रिंट किए जाने का चक्र 15 दिन में होता है. इस हफ्ते से जिन नोटों की छपाई शुरु हुई है वह बाजार में इस माह के आखिर तक ही उपलब्ध हो सकेंगे.

अधिकारी ने कहा कि इससे पहले छपाईखानों ने 24 घंटे काम नोटबंदी के बाद 2,000 रुपये की नोटों की छपाई के लिए किया था. ताकि बाजार में आयी तरलता की कमी को जल्द से जल्द पूरा किया जा सके.