पीएनबी घोटाला: आरोपी ने पीएमएलए अदालत के अधिकार को चुनौती दी

अदालत में अर्जी लगा कर इस मामले की सुनवाई करने के उसके अधिकार क्षेत्र को चुनौती दी और इस मामले को सुनवाई के लिए सीबीआई अदालत में स्थानांतरित किए जाने का आग्रह किया है.

पीएनबी घोटाला: आरोपी ने पीएमएलए अदालत के अधिकार को चुनौती दी

पीएनबी.

मुंबई:

हजारों करोड़ रुपये के पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) घोटाले के एक आरोपी ने यहां मनी लांड्रिंग रोधक कानून (पीएमएलए) अदालत में अर्जी लगा कर इस मामले की सुनवाई करने के उसके अधिकार क्षेत्र को चुनौती दी और इस मामले को सुनवाई के लिए सीबीआई अदालत में स्थानांतरित किए जाने का आग्रह किया है. इसके अलावा एक अन्य आरोपी ने आज सीबीआई की विशेष अदालत में अपील दायर कर दावा किया कि दो अभियोजन एजेंसियों सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के बीच तालमेल नहीं है. 

अधिवक्ता विजय अग्रवाल ने पीएमएलए अदालत में हेमंत भट्ट की ओर से अपील दायर की है. भट्ट को अरबपति हीरा कारोबारी नीरव मोदी की कंपनी ने अपनी ओर से हस्ताक्षर करने को इस मामले अधिकृत किया है. यह अपील पीएमएलए अदालत के विशेष न्यायाधीश एम एस आजमी के समक्ष दायर की गई. 

न्यायमूर्ति आजमी ही प्रवर्तन निदेशालय द्वारा दायर मामले को देख रहे हैं. अग्रवाल ने कहा कि पीएमएलए अदालत के बाद इस मामले को देखने का अधिकार नहीं है, क्योंकि आरोपपत्र पर संज्ञान विशेष सीबीआई जज ने लिया था. 

सीबीआई ने इससे पहले भट्ट और अन्य के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (धोखाधड़ी) तथा भ्रष्टाचार रोधक कानून की संबंधित धाराओं के तहत मामला दायर किया था. 

इसके अलावा उनका नाम ईडी द्वारा इस मामले में मनी लांड्रिंग रोधक कानून के तहत दर्ज एफआईआर में है. अदालत इस मामले में 10 जुलाई को आदेश जारी कर सकती है. एक अन्य आरोपी मनीष बोसामिया ने भी आज सीबीआई की विशेष अदालत में अपील कर दोनों अभियोजन एजेंसियों सीबीआई तथा ईडी में तालमेल की कमी का आरोप लगाया. बोसामिया के वकील भी अग्रवाल ही हैं. 

अदालत ने सीबीआई को नोटिस जारी कर 23 जुलाई तक इस पर अपना जवाब देने को कहा है.
 



(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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