This Article is From Sep 16, 2020

बकाया राशि का भुगतान नहीं होने से निराश होकर ओएनजीसी ने सूडान छोड़ा

 तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम (ओएनजीसी) ने सूडान के ऑयलफील्ड को छोड़ दिया है. कंपनी ने यह फैसला अफ्रीकी देश के तेल लेने के बाद भुगतान करने से इनकार करने के चलते किया.

बकाया राशि का भुगतान नहीं होने से निराश होकर ओएनजीसी ने सूडान छोड़ा

सूडान ने 2011 के बाद से ओवीएल और ब्लॉक में उसके साझेदारों को भुगतान नहीं किया था. 

नई दिल्ली:

 तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम (ओएनजीसी) ने सूडान के ऑयलफील्ड को छोड़ दिया है. कंपनी ने यह फैसला अफ्रीकी देश के तेल लेने के बाद भुगतान करने से इनकार करने के चलते किया. कंपनी के एक शीर्ष अधिकारी ने बताया कि ओएनजीसी विदेश लिमिटेड (ओवीएल) के साथ ही उसकी चीनी साझेदार सीएनपीसी और मलेशिया की पेट्रोनैस ने भी ब्लॉक से खुद को अलग कर लिया है. 

सूडान में ब्लॉक 2ए और 4 में ओवीएल की 25 प्रतिशत हिस्सेदारी थी, जबकि सीएनसीपी की 40 प्रतिशत और पेट्रोनैस की 30 प्रतिशत हिस्सेदारी थी. ब्लॉक में सूडान के सुडापेट की पांच प्रतिशत हिस्सेदारी थी. सूडान ने 2011 के बाद से ओवीएल और ब्लॉक में उसके साझेदारों को भुगतान नहीं किया था. 

अधिकारी ने कहा कि सूडान पर ओवीएल का कुल बकाया 43.06 करोड़ अमेरिकी डॉलर है. उन्होंने कहा कि कंपनी ने सूडान सरकार के खिलाफ बकाया वसूलने के लिए मध्यस्थता कार्यवाही शुरू की और ईपीएसए को खत्म कर दिया है. 



(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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