हरित बांड से 10 हजार करोड़ रुपये जुटा सकती है NTPC

भारत सरकार की टीएचडीसीआईएल में 74.23 प्रतिशत हिस्सेदारी है. सरकार प्रबंध नियंत्रण के साथ पूरी हिस्सेदारी एनटीपीसी को बेच रही है.

हरित बांड से 10 हजार करोड़ रुपये जुटा सकती है NTPC

हरित बांड से जुटायी गयी पूंजी का इस्तेमाल स्वच्छ एवं हरित तथा पर्यावरण के अनुकूल ऊर्जा के वित्तपोषण में किया जाता है.

नई दिल्ली:

सरकारी कंपनी एनटीपीसी हरित बांड के जरिये करीब 10 हजार करोड़ रुपये जुटा सकती है. इस पूंजी का इस्तेमाल टीएचडीसीआईएल और नॉर्थ ईस्टर्न इलेक्ट्रिक पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (नीपको) में सरकारी हिस्सेदारी का अधिग्रहण करने में किया जा सकता है. एक सूत्र ने पीटीआई भाषा को इसकी जानकारी दी है.हरित बांड से जुटायी गयी पूंजी का इस्तेमाल स्वच्छ एवं हरित तथा पर्यावरण के अनुकूल ऊर्जा के वित्तपोषण में किया जाता है. चूंकि टीएचडीसीआईएल और नीपको जलविद्युत ऊर्जा का उत्पादन करती हैं, इनमें किसी भी तरह का निवेश इसी श्रेणी में गिना जाएगा.

सूत्र ने कहा, ‘‘कंपनी टीएचडीसीआईएल और नीपको में सरकार की हिस्सेदारी खरीदने के लिये हरित बांड के जरिये 10 हजार करोड़ रुपये जुटा सकती है. यह अधिग्रहण चालू वित्त वर्ष के समाप्त होने से पहले ही किये जाने का अनुमान है क्योंकि सरकार चालू वित्त वर्ष में 1.05 लाख करोड़ रुपये के विनिवेश का लक्ष्य हासिल करना चाहती है.'' उसने कहा कि कंपनी ने अभी टीएचडीसीआईएल और नीपको में सरकारी हिस्सेदारी के मूल्यांकन के लिये आकलनकर्ता नियुक्त करने की प्रक्रिया अभी नहीं शुरू की है.

उल्लेखनीय है कि मंत्रिमंडल ने पिछले सप्ताह टीएचडीसीआईएल और नीपको में सरकारी हिस्सेदारी एनटीपीसी को बेचने की मंजूरी दे दी थी. भारत सरकार की टीएचडीसीआईएल में 74.23 प्रतिशत हिस्सेदारी है. सरकार प्रबंध नियंत्रण के साथ पूरी हिस्सेदारी एनटीपीसी को बेच रही है. इसी प्रकार, सरकार नीपको में 100 प्रतिशत हिस्सेदारी प्रबंधन नियंत्रण के साथ एनटीपीसी को बेचेगी.



(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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