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नाफेड की बिकवाली से बीते सप्ताह सरसों, तेल तिलहन कीमतों में गिरावट

मूंगफली दाना (तिलहन फसल) में पिछले सप्ताहांत के मुकाबले जहां पांच रुपये का सुधार दिखा वहीं मूंगफली मिल डिलिवरी गुजरात का भाव 200 रुपये घटकर 10,300 रुपये क्विन्टल रह गया.

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नाफेड की बिकवाली से बीते सप्ताह सरसों, तेल तिलहन कीमतों में गिरावट

प्रतीकात्मक तस्वीर.


नई दिल्ली: 

अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सामान्य कारोबार के बीच स्थानीय तेल तिलहन बाजार में बीते सप्ताह सरसों सहित ज्यादातर तेल तिलहन में गिरावट का रुख रहा. दूसरी ओर सस्ते आयात की मांग बढ़ने से पामोलीन में तेजी रही. बाजार सूत्रों ने कहा कि मध्य प्रदेश में नाफेड की सरसों बिकवाली से सोयाबीन इंदौर में 90 रुपये की गिरावट रही. मूंगफली दाना (तिलहन फसल) में पिछले सप्ताहांत के मुकाबले जहां पांच रुपये का सुधार दिखा वहीं मूंगफली मिल डिलिवरी गुजरात का भाव 200 रुपये घटकर 10,300 रुपये क्विन्टल रह गया. मूंगफली साल्वेंट रिफाइंड भी सप्ताहांत 15 रुपये घटकर 1,845-1,885 रुपये टिन रह गया.

उन्होंने कहा कि सहकारी संस्था नाफेड ने किसानों से लगभग 10 प्रतिशत (11.5 लाख टन) सरसों की खरीद की थी और वह अब इस सरसों को खुले बाजार में न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से कम दर (लगभग 3,851 से 3,890 रुपये क्विन्टल) पर बेचा जा रहा है. इससे किसानों पर भी अपना स्टॉक सस्ते में बेचने का दबाव बढ़ रहा है. ये किसान पहले ही पामोलीन के सस्ते आयात से परेशान हैं और अब सटोरियों की खींचतान की वजह से वे समर्थन मूल्य से कम पर फसल बेचने को मजबूर हो रहे हैं.

सामान्य तौर पर नई फसल की बिजाई शुरू होने से पहले दीपावली के आसपास लाभ कमाने के लिए किसान अपने जमा स्टॉक में से मंडी में सरसों बेचने आते हैं. ऐसे वक्त में नाफेड के बाजार में आकर कम दर पर सरसों बेचने से किसान परेशान हैं. इन किसानों को अब नाफेड से कम कीमत पर फसल बेचने पर मजबूर होना पड़ रहा है.

वायदा कारोबार में सटोरियों के दबाव में भाव टूटने और सस्ते खाद्य तेलों का आयात बढ़ने से पिछले सप्ताहांत के मुकाबले सरसों की कीमत 30 रुपये की हानि के साथ 3,925-3,850 रुपये प्रति क्विन्टल पर बंद हुई. इसी तरह सरसों दादरी भी पिछले सप्ताहांत के मुकाबले 60 रुपये घटकर समीक्षाधीन सप्ताहांत में 7,840 रुपये प्रति क्विन्टल रह गई.
सरसों पक्की घानी और कच्ची घानी के भाव क्रमश: 15-15 रुपये की गिरावट दर्शाते सप्ताहांत में क्रमश: 1,265-1,565 रुपये और 1,465-1,615 रुपये प्रति टिन पर बंद हुए. तिल मिल डिलिवरी 200 रुपये के नुकसान के साथ समीक्षाधीन सप्ताहांत में 10,800-16,300 रुपये प्रति क्विन्टल पर बंद हुआ.

मिले जुले कारोबार के बीच जहां सोयाबीन मिल डिलिवरी दिल्ली के भाव 8,050 रुपये प्रति क्विन्टल पर अपरिवर्तित रहे, वहीं गुजरात में नाफेड की सरसों बिकवाली से सोयाबीन इंदौर 90 रुपये टूटकर 7,830 रुपये क्विन्टल पर बंद हुआ. दूसरी ओर सोयाबीन डीगम के भाव 20 रुपये सुधार दर्शाते सप्ताहांत 7,050 रुपये प्रति क्विन्टल पर बंद हुये. सीपीओ एक्स-कांडला का भाव 30 रुपये की हानि दर्शाता 5,500 रुपये क्विन्टल पर बंद हुआ. वहीं बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा) का भाव 7,350 रुपये क्विन्टल पर अपरिवर्तित रहा.

मलेशिया से पामतेल का आयात सरसों व अन्य तेलों के मुकाबले अधिक सस्ता बैठ रहा है जिसके कारण स्थानीय स्तर पर इसकी खपत निरंतर बढ़ रही है. समीक्षाधीन सप्ताह में पामोलीन आरबीडी दिल्ली और पामोलीन कांडला के भाव क्रमश: 40 रुपये और 20 रुपये बढ़कर क्रमश: 6,860 रुपये और 6,180 रुपये क्विन्टल पर बंद हुए. अन्य खाद्य एवं अखाद्य तेलों सहित मक्का खल भाव पूर्व सप्ताहांत के स्तर पर ही बंद हुए.



(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)


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