विदेशों में तेजी के रुख से बीते हफ्ते ज्यादातर तेल-तिलहन कीमतों में आया सुधार

समीक्षाधीन सप्ताह में सरसों दाना (तिलहन फसल) और सरसों दादरी के भाव पिछले सप्ताहांत के मुकाबले क्रमश:10 रुपये और 150 रुपये के सुधार के साथ क्रमश: 4,220-4,225 रुपये और 8,550 रुपये प्रति क्विन्टल पर बंद हुए.

विदेशों में तेजी के रुख से बीते हफ्ते ज्यादातर तेल-तिलहन कीमतों में आया सुधार

सरसों बुवाई का रकबा घटकर इस बार 50.71 लाख हेक्टेयर रह गया है.

नई दिल्ली:

विदेशी बाजारों में तेजी के रुख के बीच बीते सप्ताह सरसों, सोयाबीन, सीपीओ एक्स-कांडला और पामोलीन सहित विभिन्न खाद्य तेलों में सुधार का रुख रहा. लेकिन इसके बावजूद सरसों किसान की मुश्किलें बरकरार हैं क्योंकि वायदा कारोबार में अभी भी सरसों के अप्रैल 2020 का अनुबंध न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से लगभग 300 रुपये नीचे बिक रहा है.
मलेशिया और शिकागो एक्सचेंज में सुधार के कारण यहां पामोलीन और कच्चा पामतेल कीमतों में भी पर्याप्त सुधार दर्ज हुआ. सूत्रों ने कहा कि हालांकि नेफेड 4,200 रुपये क्विन्टल (एमएसपी) के भाव पर सरसों बेच रही है मगर उसकी अनुषंगी संस्था हाफेड सरसों की बिक्री एमएसपी से कम दाम यानी 4,050 से 4,150 रुपये प्रति क्विन्टल के भाव बेच रही है.
उसने बताया कि इस बार सरसों के बुवाई का रकबा कम रहने से उत्पादन में कमी आने की संभावना है. सरसों बुवाई का रकबा घटकर इस बार 50.71 लाख हेक्टेयर रह गया है जो पिछले साल नवंबर अंत तक 53.62 लाख हेक्टेयर था. इससे सरसों का उत्पादन घटने की भरपूर संभावना है.

लातूर मंडी में अभी सूरजमुखी 4,000 रुपये क्विन्टल बिक रहा है जबकि इसका समर्थन मूल्य 5,200 रुपये है. मूंगफली तेल का भाव राजकोट, जूनागढ़ की मंडियों में 4,170-4,190 रुपये क्विन्टल है जबकि इसका न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 4,800 रुपये क्विन्टल है. लातुर में सोयाबीन (लूज) की आवक प्रतिदिन 50 हजार बोरी की है और इसका भाव 3,600 रुपये क्विन्टल बोला जा रहा है जबकि एमएसपी 3,700 रुपये क्विन्टल है.

सूत्रों ने कहा कि नवई, टोंक, कोटा, भरतपुर की मंडियों में सरसों का ‘लूज' में बिक्री का भाव 4,025-4,050 रुपये प्रति क्विन्टल है जबकि इसका एमएसपी 4,200 रुपये क्विन्टल है. अप्रैल से सरकार ने इस एमएसपी को बढ़ाकर 4,425 रुपये क्विन्टल करने का प्रस्ताव किया है. उसने कहा कि मलेशियाई पाम तेल की कीमत देश के व्यापारियों को 6,850 रुपये प्रति 10 किलो बैठती है और बाजार में इसकी बिक्री 6,650 रुपये के दर से हो रही है. सोयाबीन के लिए देश के व्यापारियों को 7,850 रुपये का खर्च बैठता है जबकि बाजार में इसकी बिक्री 7,600 रुपये में हो रही है.

सूत्रों ने कहा कि देश में तेल मिलें अपनी क्षमता के अनुरूप काम नहीं कर पा रही हैं. कई तेल मिलों को अपना कामकाज बंद करना पड़ा है. इसके अलावा सरसों जैसी फसल के कम उत्पादन से देश में पशुचारा और पॉल्ट्री खाद्य वस्तुओं की किल्लत हो सकती है जिससे अंडे, दूध, चिकन महंगे हो सकते हैं. बाजार में सरसों के भाव पर दबाव है और दाम कम होने से किसान इसे बेचने से कतरा रहे हैं.

समीक्षाधीन सप्ताह में सरसों दाना (तिलहन फसल) और सरसों दादरी के भाव पिछले सप्ताहांत के मुकाबले क्रमश:10 रुपये और 150 रुपये के सुधार के साथ क्रमश: 4,220-4,225 रुपये और 8,550 रुपये प्रति क्विन्टल पर बंद हुए. सरसों पक्की घानी का भाव 155 रुपसे के सुधार के साथ 1,380-1,550 रुपये प्रति टिन पर बंद हुआ जबकि सरसों कच्ची घानी के भाव भी पिछले सप्ताहांत के मुकाबले 10 रुपये की हानि प्रदर्शित करता 1,435-1,575 रुपये प्रति टिन पर बंद हुए. वनस्पति घी का भाव जहां सुधार प्रदर्शित करता 950-1,315 रुपये प्रति टिन पर बंद हुआ, वहीं तिल मिल डिलिवरी का भाव 10,000-15,500 रुपये प्रति क्विन्टल पर अपरिवर्तित रुख के साथ बंद हुआ.

मूंगफली दाना (तिलहन) के भाव पिछले सप्ताहांत के 4,170-4,290 रुपये के मुकाबले हानि दर्शाता 4,170-4,190 रुपये क्विन्टल रह गया, वहीं मूंगफली मिल डिलिवरी गुजरात तेल का भाव पिछले सप्ताहांत के मुकाबले 50 रुपये सुधरकर 9,700 रुपये क्विन्टल पर बंद हुआ. दूसरी ओर मूंगफली साल्वेंट रिफाइंड का भाव 10 रुपये की हानि के साथ समीक्षाधीन सप्ताहांत में 1,725-1,770 रुपये प्रति टिन पर बंद हुआ.

विदेशों में तेजी के अनुकूल प्रभाव के कारण सोयाबीन मिल डिलिवरी दिल्ली, सोयाबीन इंदौर और सोयाबीन डीगम की कीमतें पिछले सप्ताहांत के बंद भाव के मुकाबले क्रमश: 120 रुपये, 90 रुपये और 100 रुपये के सुधार के साथ क्रमश: 8,600 रुपये, 8,420 रुपये और 7,600 रुपये प्रति क्विन्टल पर बंद हुआ.

स्थानीय लिवाली के कारण सीपीओ एक्स कांडला के भाव 150 रुपये के सुधार के साथ 6,400 रुपये क्विन्टल हो गया वहीं और बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा) तेल का भाव पूर्व सप्ताहांत के बंद स्तर के मुकाबले 50 रुपये सुधार के साथ 7,580 रुपये क्विन्टल पर बंद हुआ.

मलेशिया एक्सचेंज में तेजी के कारण पामोलीन दिल्ली और पामोलीन कांडला के भाव पूर्व सप्ताहांत के बंद भाव के मुकाबले क्रमश: 220 रुपये और 200 रुपये की तेजी के साथ समीक्षाधीन सप्ताहांत में क्रमश: 7,920 रुपये और 7,200 रुपये क्विंटल पर बंद हुए. उसने कहा कि बाकी अखाद्य तेलों के भाव बेहद मामूली घट बढ़ के साथ बंद हुए.
 



(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com