This Article is From Jul 13, 2018

ITR 2018-19 या कहें वित्त वर्ष 2017-18 के लिए इनकम टैक्स स्लैब

अकसर देखा गया है कि लोगों को ऐसे समय लोगों को इनकम टैक्स स्लैब की जानकारी की जरूरत पड़ती है.

ITR 2018-19 या कहें वित्त वर्ष 2017-18 के लिए इनकम टैक्स स्लैब

आयकर रिटर्न फाइल करने का समय है.

नई दिल्ली:

आयकर रिटर्न भरने का समय चल रहा है. सभी करदाताओं को को 31 जुलाई तक अपने अपने रिटर्न फाइल करने हैं. वित्त वर्ष 2017-18 या कहें आकलन वर्ष 2018-19 (एसेसमेंट ईयर Assesment Year 2018-19) के लिए आयकर (इनकम टैक्स) रिटर्न भरने में कई लोग लग गए हैं. अकसर देखा गया है कि लोगों को ऐसे समय लोगों को इनकम टैक्स स्लैब की जानकारी की जरूरत पड़ती है. उस यह देखना होता है कि वह किस स्लैब या कहें कि आयकर के दायरे में आता है जिसके हिसाब से उसे सरकार को कर देना होगा. 

कई बार देखा गया है कि लोग यह सोचकर कन्यफ्यूज हो जाते हैं कि यह टैक्स स्लैब कहीं बदल तो नहीं गया. किस टैक्स स्लैब के तहत इस बार टैक्स जमा कराना होगा. इस सब बातों को दूर करने के लिए आयकर विभाग ने इस वित्तवर्ष में भरे जाने वाले आयकर रिटर्न के लिे स्लैब की जानकारी दी है. 

इनकम टैक्स स्लैब : टैक्स की दर सामान्य करदाता के लिए

  • ढाई लाख रुपये तक आय : टैक्स नहीं
  • 2,50,000 से 5,00,000 रुपये तक आय : 5 फीसदी
  • 5,00,000 से 10,00,000 रुपये तक आय : 20 फीसदी
  • 10,00,000 रुपये से ज्यादा इनकम : 30 फीसदी
  • सरचार्ज : जहां कुल आय 50 लाख से 1 करोड़ रुपये के बीच है. वहां 10 फीसदी सरचार्ज लगता है.
  • सरचार्ज : जहां कुल आय 1 करोड़ रुपये से ऊपर है. वहां 15 फीसदी सरचार्ज लगता है.
  • स्वास्थ्य और शिक्षा उपकर : आयकर का 4 फीसदी

बता दें कि 60 वर्ष से 80 वर्ष तक की आयु वाले करदाता के लिए 3 लाख रुपये तक कोई कर नहीं है. वहीं 80 वर्ष से ऊपर की आय वाले करदाता को लिए पांच लाख तक की आय पर कोई कर नहीं लगता.

60 से 80 वर्ष की आयु वाले बुजुर्ग की आय यदि 3- 5 लाख के बीच है तब 5 प्रतिशत, 5-10 लाख है तब 20 प्रतिशत और 10 लाख से अधिक है तब 30 प्रतिशत कर देना होगा.

वहीं 80 वर्ष से अधिक आयु वाले करदाता को 5-10 लाख रुपये सालाना आय पर 20 प्रतिशत कर और 10 लाख रुपये सालाना से अधिक की आय पर 30 प्रतिशत कर देना होगा.