मंदी के बीच सरकार को राहत, नवंबर में GST कलेक्शन 1 लाख करोड़ के पार

जुलाई 2017 में जीएसटी लागू होने के बाद से यह आठवीं बार है जब मासिक कलेक्शन ने एक लाख करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया है.

मंदी के बीच सरकार को राहत, नवंबर में GST कलेक्शन 1 लाख करोड़ के पार

जुलाई 2017 में जीएसटी लागू किया गया था.

नई दिल्ली:

अर्थव्यवस्था में चल रही मंदी के बीच सरकार के लिए राहत की खबर आई है. नवंबर महीने में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) कलेक्शन छह फीसदी बढ़ा है. नवंबर महीने में जीएसटी कलेक्शन 1.03 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है. कुल जीएसटी में CGST का हिस्सा 19,592 करोड़ रुपये और SGST 27,144 हजार करोड़ रुपया है जबकि IGST का हिस्सा 49,028 करोड़ रुपया है. इसमें आयात पर लगे लगे टैक्स का 20,948 करोड़ रुपया भी शामिल है. इसके अलावा सेस यानी उपकर का  7,727 करोड़ रुपया, (आयात से मिले 869 करोड़ रुपये का टैक्स शामिल) है. इस महीने 77.83 लाख 2बी जीएटी रिटर्न फाइल किए गए हैं.

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आपको बता दें कि लगातार दो महीने की निगेटिव ग्रोथ के बाद इस महीने जीएसटी संग्रह में 6 फीसदी की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है. नवंबर में घरेलू लेन-देन पर जीएसटी संग्रह में 12 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी. यह इस साल जीएसटी राजस्व में हुई सबसे अच्छी मासिक बढ़ोतरी है. आयात पर GST संग्रह में (-) 13% की निगेटिव ग्रोथ देखी गई, लेकिन पिछले महीने से इसमें सुधार हुआ है. पिछले महीने निगेटिव ग्रोथ (-) 20% की थी. जुलाई 2017 में जीएसटी लागू होने के बाद से यह आठवीं बार है जब मासिक कलेक्शन ने एक लाख करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया है. नवंबर 2019 का ये कलेक्शन जीएसटी की शुरुआत के बाद से तीसरा सबसे अधिक मासिक संग्रह है. 


 

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