This Article is From Jun 22, 2018

ट्रेड वॉर का सबसे ज़्यादा असर भारत में लोकप्रिय अमेरिकी खाद्य पदार्थों पर

कैलिफोर्निया एल्मॉन्ड्स और एपल वाशिंगटन के आपको शायद 20 से 25 फ़ीसदी ज़्यादा दाम चुकाने होंगे

ट्रेड वॉर का सबसे ज़्यादा असर भारत में लोकप्रिय अमेरिकी खाद्य पदार्थों पर
नई दिल्ली: भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड वॉर का सबसे ज़्यादा असर भारत में पॉपुलर अमेरिकी खान-पान के सामान पर पड़ेगा. सबसे ज़्यादा प्रभावित अमेरिकी बादाम और सेब होंगे.

चार अगस्त से आप अगर मार्केट में कैलिफोर्निया ऐल्मॉन्ड्स या एपल वाशिंगटन ख़रीदने जाएं तो आपको शायद 20 से 25 फ़ीसदी ज़्यादा दाम चुकाने होंगे. भारत में बिकने वाले अमेरिकी खाने-पीने के सामान हाल के ट्रेड वॉर के सबसे बड़े शिकार होने जा रहे हैं.  सबसे ज़्यादा असर अमेरिकी एलमान्ड्स के बाज़ार पर पड़ेगा जिनका अभी 490 रुपये में 500 ग्राम का पैकेट मिलता है.

भारत में अमेरिका से आयात होने वाला एलमंड का व्यापार काफी बड़ा है...पिछले साल करीब 4,000 करोड़ का आलमान्ड अमेरिका से आयात किया गया...अब इम्पोर्ट ड्यूटी बढ़ने से आलमोंड के आयात पर सबसे ज़्यादा असर पड़ेगा.  

दूसरा सबसे ज़्यादा असर भारतीय बाज़ार में अमेरिकी सेब के व्यापार पर पड़ेगा. Apple Washington के एक किलो के पैक की कीमत भारतीय बाज़ार में 311 रूपये के आसपास है. Apple Washington एक पोप्यूलर अमेरिकी सेब है. ये भारत में काफी बिकता है.

सरकार ने अमेरिका से आयात किये जाने वाले एसे अमेरिकी सेब पर इमपोर्ट ड्यूटी 50% से बढ़ाकर 75% कर दी है...अगर इस फैसले को 4 अगस्त से लागू किया जाता है तो इसका असर Apple Washington जैसे ब्रैंड्स पर पड़ेगा.

इसकी तरह अमेरिकी वालनट्स और चिकपीज़ पर भी आयात शुल्क बढ़ाया गया है और इसकी वजह से
ये पॉपुलर आइटम्स भी महंगे हो सकता हैं. फिलहाल चिकपीज़ का 400 ग्राम का पैक 125 रूपये में बिकता है जबकि कैलिफोर्निया वालनट के 90 ग्राम के पैक की कीमत 275 रूपये है.  

भारत के फैसले का सबसे ज़्यादा नुकसान अमेरिकी कारोबारियों को होगा. साथ ही, भारत में उनको आयात करना भी महंगा होगा. यानी ये चीज़ें महंगी हो सकता हैं. फिलहाल भारत सरकार ने 4 अगस्त से इस फैसले को लागू करने का फैसला किया है. यानी सरकार ने मोल-तोल के लिए गुंजाइश बचाए रखी है.