This Article is From Sep 02, 2018

बैंक आफ बड़ौदा के प्रमुख जयकुमार को विस्तार दे सकती है सरकार

सरकार पी एस जयकुमार को उनके तीन साल के प्रदर्शन के आकलन के आधार पर सेवा विस्तार दे सकती है. 

बैंक आफ बड़ौदा के प्रमुख जयकुमार को विस्तार दे सकती है सरकार

 जयकुमार निजी क्षेत्र के उन दो लोगों में से हैं जिनका चयन अक्तूबर, 2015 में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में नियुक्ति के लिए किया गया था.

नई दिल्ली:

सरकार सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक आफ बड़ौदा (बॉब) के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) पी एस जयकुमार को उनके तीन साल के प्रदर्शन के आकलन के आधार पर सेवा विस्तार दे सकती है. सूत्रों ने यह जानकारी दी. जयकुमार निजी क्षेत्र के उन दो लोगों में से हैं जिनका चयन अक्तूबर, 2015 में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में नियुक्ति के लिए किया गया था. उनकी नियुक्ति तीन साल के लिए की गई थी. उनका यह कार्यकाल 12 अक्तूबर, 2018 को समाप्त हो रहा है. सूत्रों ने बताया कि सरकार उनके प्रदर्शन का आकलन करने के बाद विस्तार देने पर अंतिम फैसला करेगी.

उनके पदभार संभालने के बाद बॉब को 2015-16 की तीसरी तिमाही अक्तूबर-दिसंबर में 3,342 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। उसके बाद की तिमाही में भी बैंक को 3,230.1 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था. हालांकि, उसके बाद स्थिति सुधरी और बॉब ने 2016-17 की पहली तिमाही में 423.6 करोड़ रुपये का लाभ कमाया था. दूसरी तिमाही में बैंक को 552.1 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था। वित्त वर्ष 2017-18 की चौथी तिमाही में बैंक को 3,102.3 करोड़ रुपये का भारी नुकसान हुआ था.

हालांकि, चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में बैंक ने 528.2 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया है। जयकुमार की 11 तिमाहियों के कार्यकाल में बैंक को 9,674.4 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है जबकि इस दौरान उसे 2,581.5 करोड़ रुपये का लाभ हुआ है. कुल मिलाकर उनके कार्यकाल में बैंक को 7,092.9 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ है.



(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)