Fortis ने पूर्व प्रमोटर सिंह बंधुओं की गिरफ्तारी के लिए सेबी को लिखा पत्र

फोर्टिस हेल्थकेयर (Fortis Healthcare) ने बाजार नियामक सेबी से अपने पूर्व प्रमोटर सिंह बंधुओं तथा संबद्ध इकाइयों से 472 करोड़ रुपये की वसूली के लिए उन्हें गिरफ्तार करने समेत कानूनी कार्रवाई शुरू करने का आग्रह किया है.

Fortis ने पूर्व प्रमोटर सिंह बंधुओं की गिरफ्तारी के लिए सेबी को लिखा पत्र

पोर्टिस ने सिंह बंधुओं की गिरफ्तारी के लिए सेबी को लिखा पत्र.

नई दिल्ली:

फोर्टिस हेल्थकेयर (Fortis Healthcare) ने बाजार नियामक सेबी से अपने पूर्व प्रमोटर सिंह बंधुओं तथा संबद्ध इकाइयों से 472 करोड़ रुपये की वसूली के लिए उन्हें गिरफ्तार करने समेत कानूनी कार्रवाई शुरू करने का आग्रह किया है.  भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) को राशि की वसूली के लिए दिए आवेदन में फोर्टिस हेल्थकेयर एंड फोर्टिस हॉस्पिटल ने मालविन्दर मोहन सिंह, शिविन्दर मोहन सिंह, आरएचसी होल्डिंग्स प्राइवेट लि., शिवि होल्डिंग्स प्राइवेट लि., मालव होल्डिंग्स प्राइवेट लि., रेलिगेयर फिनवेस्ट लि., बेस्ट हेल्थकेयर प्राइवेट लि., फर्न हेल्थकेयर प्राइवेट लि. तथा मोडलैंड प्राइवेट लि. से राशि की वूली के लिए कानून की धारा 28 ए का उपयोग का आग्रह किया है.

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फोर्टिस हेल्थकेयर ने सेबी से मामले में सुनवाई का भी अनुरोध किया है. इस बारे में फोर्टिस हेल्थकेयर लि. के चेयरमैन रवि राजगोपाल ने कहा, 'सेबी का आदेश अक्टूबर 2018 तथा उसकी संशोधित प्रति दिसंबर 2018 में प्राप्त होने के बाद हमने रुपये की वसूली के लिए कानूनी कार्रवाई शुरू की. आदेश के अनुसार हमने सभी नौ पक्षों को नोटिस भेजे.' उन्होंने कहा कि सेबी की समयसीमा 18 जनवरी 2019 को समाप्त हुई और 13 फरवरी 2019 को फोर्टिस ने सेबी के पास आवेदन देकर रुपये की वसूली के लिए संबंधित इकाइयों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू करने का आग्रह किया है.

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इस बारे में संपर्क किये जाने पर शिविन्दर सिंह ने कहा कि सेबी कानून की धारा 28 ए के उपयोग का आग्रह जल्दबाजी और अनुचित है, क्योंकि इस मामले में अभी अंतिम आदेश नहीं आया है. उन्होंने कहा, ‘‘...और जब मुझे फोर्टिस की अपनी जांच रिपोर्ट की समीक्षा या उसका जवाब देने का मौका नहीं मिला और मैंने इसके लिए आग्रह किया था. ऐसे में यह जल्दबाजी, अनुचित और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ है.' इस बारे में मालविन्दर सिंह को ई-मेल भेजा गया लेकिन उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं आया.