Profit

क्या भारत में डूबे कर्ज के पहाड़ की ऊंचाई को कम कर पाएगा अनिल अंबानी पर कोर्ट का फैसला?

सुप्रीम कोर्ट ने भारत के प्रमुख उद्योगपतियों में से एक अनिल अंबानी को कहा कि अगर उनकी कंपनी बकाया पैसा जमा नहीं करती है तो उन्हें तीन महीने की जेल की सजा काटनी होगी.

 Share
EMAIL
PRINT
COMMENTS
क्या भारत में डूबे कर्ज के पहाड़ की ऊंचाई को कम कर पाएगा अनिल अंबानी पर कोर्ट का फैसला?

अनिल अंबानी (फाइल फोटो)


नई दिल्ली: 

भारत के अभिजात यानी धनाढ्य वर्ग को एक रिमार्केबुल चेतावनी में देश की शीर्ष अदालत यानी सुप्रीम कोर्ट ने भारत के प्रमुख उद्योगपतियों में से एक अनिल अंबानी को कहा कि अगर उनकी कंपनी बकाया पैसा जमा नहीं करती है तो उन्हें तीन महीने की जेल की सजा काटनी होगी. दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने रिलायंस कम्‍युनिकेशंस के अध्यक्ष अनिल अंबानी और दो अन्य को जानबूझ कर उसके आदेश का उल्लंघन करने यानी अवमानना का दोषी ठहराया और कहा कि दूरसंचार उपकरण बनाने वाली कंपनी एरिक्सन को 453 करोड़ रुपए की रकम का चार सप्ताह के भीतर भुगतान नहीं करने पर उन्हें तीन महीने की जेल की सजा भुगतनी होगी. 

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ये साफ है कि रुपये देने की अंडरटेकिंग देने के बावजूद कंपनी रुपये नहीं देना चाहती थी. अनिल अंबानी व अन्य ने सुप्रीम कोर्ट में दी अंडरटेकिंग का उल्लंघन किया है. कोर्ट ने साथ ही कहा, 'यह जानबूझकर किया गया है. आर कॉम को 453 करोड रुपये और देने हैं.' सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर अंबानी चार सप्ताह के भीतर रुपये नहीं देंगे तो तीन महीने की जेल होगी. हालांकि, अनिल अंबानी के ग्रूप ने कहा है कि वह सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन करेगी. 

जब भारत दुनिया में सबसे खराब ऋणों (वसूल न होनेवाला ऋण) के पहाड़ से निपटने की ओर अग्रसर है, ऐसे समय में सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला दिखाता है कि भारत अब आगे बढ़ रहा है. करीब 190 बिलियन डॉलर के कर्ज ने भारत के कुछ कर्जदाताओं के भविष्य को संदेह में डाल दिया है और उनके निवेश पर प्रतिबंद लगा दिया है. क्योंकि अभी आम चुनाव की तैयारी चल रही है. 

स्थानीय कानून फर्म एल एंड एल पार्टनर्स के साथी मनमीत सिंह ने कहा कि अदालत का फैसला निश्चित रूप से भूगतान न करने वाली कंपनियों और प्रबंधन को एक बहुत ही सख्त संदेश देता है कि अनुबंध शुल्क का भुगतान किया जाना चाहिए. उन्होंने आगे कहा कि यह निश्चित रूप से विदेशी निवेशकों को भारत में अनुबंधों के प्रवर्तन के बारे में और अधिक विश्वास दिलाएगा. 

भारत के बैंकिंग नियामक, विधायिका और अदालतों ने खराब कर्ज की अधिकता से निपटने के लिए दो साल पुराने दिवालियापन कानून से लैस अपराधी कर्जदारों पर नकेल कसी है. भारत दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सबसे खराब गैर-निष्पादित ऋण अनुपात यानी एनपीए के मामले में इटली से भी खराब हो गया है. भूगतान न करने वालों पर ठोस कार्रवाई ने ही बैंकों को अधिक बारगेनिंग करने की शक्ति दी है और कंट्रोलिंग शेयरहोल्डर्स अब बिना बकाया चुकाए हुए नहीं भाग सकते. 

अगर सहारा समूह के संस्थापक को छोड़ दिया जाए तो भारत में अरबपतियों को सलाखों के पीछे डालना दुर्लभ बात है. विजय माल्या सहित और भी कई चकमा देकर भागने में कामयाब रहे हैं. बता दें कि 2014 में सुब्रत राय को कस्टडी में भेजा गया था. हालांकि, अब कुछ बदलाव दिख रहा है. पिछले साल सरकार ने राज्य-संचालित बैंकों को तथाकथित विलफुल डिफॉल्टरों को देश से भागने से रोकने के लिए सशक्त बनाया और भगोड़े आर्थिक अपराधियों के खिलाफ एक नया कानून बनाया. 

दरअसल, एरिक्तसन का आरोप था कि रिलायंस समूह के पास राफेल लड़ाकू विमान के सौदे में निवेश के लिये धन है परंतु वह उसकी बकाया 550 करोड़ रूपए की रकम का भुगतान करने में असमर्थ है. अनिल अंबानी के नेतृत्व वाली कंपनी ने इस आरोप का पुरजोर विरोध किया था. अनिल अंबानी ने न्यायालय को बताया कि अपनी संपत्ति बेचने के बारे में बड़े भाई मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाली रिलायंस जियो के साथ बातचीत विफल हो जाने की वजह से उनकी कंपनी ने दिवालिया कार्यवाही का सहारा लिया है और धन उसके नियंत्रण में नहीं है. 

आरकाम ने न्यायालय से कहा कि उसने एरिक्सन की बकाया राशि का भुगतान करने के लिये जमीं-आसमां एक कर दिया परंतु जियो के साथ संपत्ति बिक्री की बातचीत विफल होने की वजह से वह इसका भुगतान करने में असमर्थ हो गयी. शीर्ष अदालत ने पिछले साल 23 अक्टूबर को आरकाम को 15 दिसंबर, 2018 तक एरिक्सन की बकाया राशि का भुगतान करने के लिये अंतिम अवसर दिया था और कहा था कि इसमें किसी भी प्रकार का विलंब होने पर उसे 12 फीसदी सालाना की दर से ब्याज भी देना होगा. 



Get Breaking news, live coverage, and Latest News from India and around the world on NDTV.com. Catch all the Live TV action on NDTV 24x7 and NDTV India. Like us on Facebook or follow us on Twitter and Instagram for latest news and live news updates.

NDTV Beeps - your daily newsletter

................................ Advertisement ................................

................................ Advertisement ................................

................................ Advertisement ................................

Top