बारिश, बाढ़ ने बढ़ाई किसानों की बेचैनी, रबी की बुवाई में होगी देरी

पहले सूखे की मार और अब भारी बारिश और बाढ़ का कहर ने देश के विभिन्न इलाकों में किसानों की चिंता बढ़ा दी है.

बारिश, बाढ़ ने बढ़ाई किसानों की बेचैनी, रबी की बुवाई में होगी देरी

रबी की फसल पर मौसम का असर पड़ सकता है

नई दिल्ली:

पहले सूखे की मार और अब भारी बारिश और बाढ़ का कहर ने देश के विभिन्न इलाकों में किसानों की चिंता बढ़ा दी है. खेतों में अत्यधिक पानी भर जाने से किसानों को खरीफ सीजन की प्रमुख फसल धान, मक्का व अन्य फसल खराब होने की चिंता सता रही है. बीते कुछ दिनों से बिहार और उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों समेत देश के विभिन्न हिस्सों में मूसलधार बारिश हो रही है, जिससे गंगा, कोसी समेत कई नदियां उफान पर हैं. किसान व कृषि वैज्ञानिक बताते हैं कि सीजन के आखिर की इस बारिश से रबी की बुवाई भी अब देर से शुरू होगी. बीते दिनों मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र समेत दक्षिण भारत के राज्यों में हुई भारी बारिश और बाढ़ से सोयाबीन और उड़द समेत अन्य फसलों को भारी नुकसान हुआ. अब बारिश और बाढ़ बिहार और उत्तर प्रदेश के विभिन्न इलाकों में कहर बरपा रही है. बिहार के मधेपुरा जिले के किसान पलट प्रसाद यादव ने फोन पर बताया कि बीते तीन दिनों से लगातार मूसलधार बारिश हो रही है, जिससे धान की पकी हुई फसल खराब होने की आशंका बनी हुई क्योंकि खेतों में काफी पानी जमा हो चुका है.

उन्होंने बताया कि धान की फसल पहले सूखे की भेंट चढ़ गई और अब पकी हुई फसल खराब हो रही है. बिहार के सहरसा स्थित कृषि विज्ञान केंद्र के प्रमुख और वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक के. एन. सिंह ने बताया कि धान की पकी हुई फसल को नुकसान होगा और जिस फसल में फूल लग रहा है या फ्लावरिंग स्टेज में है, उसे भी थोड़ा नुकसान हो सकता है.

हालांकि उनका कहना है पछेती फसल जिसमें अभी फूल नहीं लगा है या पकने के स्टेज में नहीं है वह अगर पानी में डूबी हुई है तो ज्यादा चिंता की बात नहीं है क्योंकि धान की फसल अगर एक सप्ताह तक भी पानी में डूबी रहती है तो खराब नहीं होती है. सिंह ने कहा कि इस बारिश के बाद अब रबी की बुवाई भी देर से शुरू होगी क्योंकि किसानों को खेतों में भरा पानी सूखने का इंतजार करना पड़ेगा. 

दरभंगा कृषि विज्ञान केंद्र के प्रमुख व वरिष्ठ वैज्ञानिक दिव्यांशु शेखर का कहना है कि निचले क्षेत्र की जमीन में पानी भरने से फसल को नुकसान हो सकता है, लेकिन ऊपरी इलाके के लिए यह बारिश फायदेमंद साबित हो सकती है क्योंकि वहां रबी की फसल की बुवाई के लिए जमीन में नमी बनी रहेगी।

पिछले दिनों मध्यप्रदेश में हुई बारिश से मक्का, सोयाबीन और उड़द समेत कई फसल तबाह हो गए. मध्य प्रदेश के कारोबारी संदीप सारडा ने बताया कि प्रदेश में सोयाबीन की करीब 30 फीसदी फसल खराब हुई है जबकि उड़द की फसल को ज्यादा नुकसान हुआ है.

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, मध्यप्रदेश के 52 में से 36 जिलों में भारी बारिश से 24 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में 22 लाख किसानों की 9 हजार 600 करोड़ रुपये की खरीफ फसल प्रभावित हुई है वहीं, महाराष्ट्र में भी बारिश में प्रदेश की प्रमुख फसल गन्ना समेत अन्य फसलों को नुकसान हुआ है.

नेशनल फेडरेशन ऑफ को-ऑपरेटिव शुगर फैक्टरीज लिमिटेड (एनएफसीएसएफ) के प्रबंध निदेशक प्रकाश नाइकनवरे ने आईएएनएस को बताया कि आधा महाराष्ट्र (मराठावाड़ा क्षेत्र) सूखे की चपेट में है, वहीं, प्रदेश के पश्चिमी गन्ना उत्पादक क्षेत्र कोल्हापुर, सांगली, सतारा और इचलकरंजी में बाढ़ के कारण फसल खराब हो गई है. बारिश और बाढ़ के कारण देश में प्याज और टमाटर की आपूर्ति बाधित होने से इनकी कीमतों में जोरदार उछाल आया है. बिहार के किसानों ने बताया कि उनकी गोभी, टमाटर और प्याज की पौध बारिश की भेंट चढ़ चुकी है. 


 



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