आईटीआर (ITR) ऑनलाइन भरने का आसान है तरीका

इनकम टैक्स रिटर्न (Income Tax Return) फाइल करना कई बार काफी जटिल लगता है.

आईटीआर (ITR) ऑनलाइन भरने का आसान है तरीका

आईटीआर फाइलिंग.

नई दिल्ली: एक साल में किए जाने वाले सभी महत्वपूर्ण कार्यों में इनकम टैक्स रिटर्न फाइलिंग भी शामिल होता है. इनकम टैक्स रिटर्न (Income Tax Return) फाइल करना कई बार काफी जटिल लगता है.

वित्त वर्ष 2018-19 के लिए इनकम टैक्स स्लैब रेट :
  1. इनकम टैक्स स्लैब : टैक्स की दर
  2. ढाई लाख रुपये तक आय : टैक्स नहीं
  3. 2,50,000 से 5,00,000 रुपये तक आय : 5 फीसदी
  4. 5,00,000 से 10,00,000 रुपये तक आय : 20 फीसदी
  5. 10,00,000 रुपये से ज्यादा इनकम : 30 फीसदी
  6. सरचार्ज : जहां कुल आय 50 लाख से 1 करोड़ रुपये के बीच है. वहां 10 फीसदी सरचार्ज लगता है.
  7. सरचार्ज : जहां कुल आय 1 करोड़ रुपये से ऊपर है. वहां 15 फीसदी सरचार्ज लगता है.
  8. स्वास्थ्य और शिक्षा उपकर : आयकर का 4 फीसदी

ऐसे में अपनी आय के मुताबिक स्लैब को ध्यान में रखते हुए समय रहते आईटीआर (ITR) फाइल कर दें. यदि आपकी आय पांच लाख रुपए सालाना से अधिक है तो आपको इनकम टैक्स की ई-फाइलिंग करनी होगी.

यह भी पढ़ें : ITR फाइलिंग में कर दीं ये 5 गलतियां, तो पड़ सकते हैं लेने के देने


नीचे दिए गए तरीके से ऑनलाइन, यानी अपने कंप्यूटर के जरिए, आईटीआर भरें :
  1. इनकम टैक्स को ऑनलाइन भरने की प्रक्रिया को ई-फाइलिंग (e-Filing) कहा जाता है. सभी संबंधित दस्तावेज यदि अपडेटेड फॉर्म में हों और पास रखकर बैठें तो कंप्यूटर से ई-फाइल करने में कोई झंझट तो नहीं ही होगा और समय भी बचेगा. आयकर विभाग की वेबसाइट है यह- incometaxindiaefiling.gov.in यहां से रिटर्न फाइलिंग पूरी तरह से फ्री है.
  2. इनकम टैक्स रिटर्न की ई-फाइलिंग के लिए सबसे पहले आपको इनकम टैक्स विभाग की वेबसाइट पर अकाउंट बनाना होगा. इसमें अकाउंट बनाने के लिए पैन नंबर और डेट ऑफ बर्थ (जन्मदिवस) जैसी पर्सनल डीटेल का प्रयोग करना होगा. इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के इस लिंक पर क्लिक करके अकाउंट बनाएं. आपका पैन नंबर (PAN) आपका यूजर आईडी होगा.
  3. ई-फाइलिंग के दो तरीके हैं- पहला है कि आप आयकर विभाग की वेबसाइट के डाउनलोड सेक्शन पर जाएं और आपके लिए अपेक्षित है, वह फॉर्म डाउनलोड करें. उसे अपने पीसी पर सेव कर लें और इसे सही तरीके से भर लें। generate XML पर क्लिक करें, फिर से वेबसाइट पर जाएं और upload XML पर क्लिक करें. पर ध्यान रहे इसलिए लिए पहले ऑपको लॉग इन होना होगा. अपलोड एक्सएमएल के जरिए वह फॉर्म अपलोड करें जो आपने कुछ देर पहले भरा है. सब्मिट पर क्लिक करें.
  4.  एक क्विक तरीका भी है. इसके लिए इस लिंक पर क्लिक करें. e-file section पर जाइए, लॉग इन करिए, जो फॉर्म और असेसेमेंट ईयर अपेक्षित है उसे सेलेक्ट करें, और संबंधित जानकारी भर दें.

फॉर्म में हुए हैं बदलाव, ध्यान दें
फॉर्म चुनते समय यह सावधानी बरतें कि आपको जो फॉर्म चुनना (सेलेक्ट करना) है, वह आपकी कुल आय के मुताबिक हो. इन्डिविजुअल (सैलरी), पेंशन इनकम, एक मकान (एक प्रॉपर्टी) से इनकम या अन्य आयस्रोतों से इनकम (लॉटरी के अतिरिक्त) के केस में फॉर्म ITR-1, जिसे 'सहज' भी कहा जाता है, सेलेक्ट करना होगा. (पढ़ें - नए आईटीआर-1 सहज फॉर्म के बारे में 10 बातें जो आपको पता होनी चाहिए)

जिनकी इनकम सालाना 50 लाख रुपये तक है, वह सहज फॉर्म उठाएं. ITR- 2 से वे सैलरी वाले अपना रिटर्न फाइल कर सकते हैं जिनकी सालाना आमदनी 50 लाख से ज्यादा है. पूंजीगत लाभ होने की दिशा में ITR-2 सेलेक्ट करना होगा. टैक्स विभाग ने फॉर्म्स की संख्या अबकी बार घटा दी है. ITR-2, ITR-2A और ITR-3 एक ही फॉर्म में मर्ज कर दिए हैं. ITR-4, ITR-4S को ITR-3 और ITR-4 (सुगम) का नाम दे दिया गया है. ITR फॉर्म 5 से लेकर 7 तक नॉन-इंडिविजुअल के लिए हैं.

Newsbeep

यह भी पढ़ें : ITR फाइलिंग की आखिरी तारीख करीब, इन जरूरी बातों की अनदेखी न करें

यह भी पढ़ें : ITR में फेरबदल करने वाले 30,000 लोगों पर इनकम टैक्स की पैनी नजर

अब रिटर्न फाइल करते समय अपने पास ये दस्तावेज रख लें- पैन नंबर, फॉर्म 16, आपके खातों पर मिला संबंधित वित्तीय वर्ष का कुल ब्याज, टीडीएस (TDS) संबंधी डीटेल और सभी तरह के निवेशों संबंधी सबूत.  होमलोन और इंश्योरेंस संबंधी डॉक्युमेंट्स भी अपने पास रखें.  इनकम टैक्स की साइट से फॉर्म 26AS भी डाउनलोड कर सकते हैं जो आपकी टैक्स स्टेटमेंट शो करता है जो आपके द्वारा दिया जा चुका है. अपना टैक्स रिटर्न वैलिडेट करने के लिए आप इस फॉर्म का सहारा ले सकते हैं.

डिजिटल सिग्नेचर होने व न होने की दशा में...
  • यदि डिजिटल सिग्नेचर का इस्तेमाल करके रिटर्न सब्मिट किया गया है तो फॉर्म सब्मिट करते समय acknowledgement number यानी एक प्रकार की रसीद जेनरेट होगा. 
  • यदि बिना डिजिटल सिग्नेचर के सब्मिट हुआ है तो ITR-V जेनरेट होगा और यह आपके साइट पर रजिस्टर ईमेल आईडी पर पहुंच जाएगा. ITR-V एक प्रकार की रसीद ही है कि आपका रिटर्न सब्मिट हो गया. अब इस ITR-V को साइन करके बेंगलुरु कार्यालय (जहां आपका रिटर्न प्रोसेस होता है) भेज दें, 120 दिनों के भीतर यह संबंधित कार्यालय पहुंच जाना चाहिए ताकि टैक्स फाइलिंग की प्रक्रिया पूर्ण हो सके. यदि यह कागजात आप समय से बेंगलुरु कार्यालय नहीं पहुंचाएंगे तो रिटर्न की प्रक्रिया अधूरी ही मानी जाएगी, इसलिए इसकी अनदेखी न करें. चिंता न करें, बेंगलुरु कार्यालय का पता इसी फॉर्म के आखिर में लिखा हुआ है. उस पते पर पोस्ट कर दें.

नेट बैंकिंग के जरिए वेरिफिकेशन
टैक्सपेयर्स वेबसाइट पर ई-वेरिफाई रिटर्न ऑप्शन पर जाकर ई- वेरिफाई भी कर सकते हैं. नेट बैंकिंग के जरिए भी आप वेरिफाई कर सकते हैं. यदि इस तरीके को अपनाते हैं तो बेंगलुरु ऑफिस में ITR-V भेजे बिना भी काम चल जाएगा.