दो चरणों में किया जाएगा सेल का विस्तार : चेयरमैन ए. के. चौधरी

चौधरी ने दिसंबर 2018 में कंपनी की विस्तार योजना की घोषणा की थी. इसके तहत 2030-31 तक कंपनी की उत्पादन क्षमता पांच करोड़ टन वार्षिक की जानी है जो मौजूदा समय में 2.14 करोड़ टन है.

दो चरणों में किया जाएगा सेल का विस्तार : चेयरमैन ए. के. चौधरी
नई दिल्‍ली:

सेल की उत्पादन क्षमता बढ़ाने वाली विस्तार योजना को दो चरणों में लागू किया जाएगा. सेल की उत्पादन क्षमता को बढ़ाकर सालाना पांच करोड़ टन तक करने का प्रस्ताव है. कंपनी के चेयरमैन अनिल कुमार चौधरी ने यह जानकारी दी. चौधरी ने दिसंबर 2018 में कंपनी की विस्तार योजना की घोषणा की थी. इसके तहत 2030-31 तक कंपनी की उत्पादन क्षमता पांच करोड़ टन वार्षिक की जानी है जो मौजूदा समय में 2.14 करोड़ टन है. उन्होंने कहा कि इस विस्तार योजना को दो चरणों में लागू किया जाएगा. पहले चरण में 2025-26 तक इसे साढ़े तीन करोड़ टन सालाना और दूसरे चरण में बची डेढ़ करोड़ टन की क्षमता के लक्ष्य को पाया जाएगा. यह दोनों चरण मार्च 2031 तक पूरे किए जाने हैं.

उन्होंने आगे कहा कि देश में इस्पात की जरूरत बढ़ेगी. मांग बढ़ने के साथ आपूर्ति भी बढ़ेगी. चेयरमैन ने कहा, ‘‘इस्पात उद्योग में स्थापित क्षमता का 100 प्रतिशत इस्तेमाल होने में समय लगेगा. क्षमता को बढ़ाने में कम से कम तीन साल लगेंगे.

पहले साल में 50 प्रतिशत, दूसरे साल में 70 प्रतिशत और तीसरे साल में 90 प्रतिशत और उसके बाद चौथे साल में यह कहीं जाकर 100 प्रतिशत तक क्षमता इस्तेमाल तक पहुंच सकती है.'' उद्योग विशेषज्ञों के मुताबिक 10 लाख टन क्षमता को जोड़ने में करीब 6,000 करोड़ रुपये की लागत आती है.



(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)