मक्का खल की मांग बढ़ने से देश में उत्पादन दोगुना बढ़ा

देश में पशु आहार में इस्तेमाल होने वाले मक्का खल की मांग निरंतर बढ़ने के कारण इसका उत्पादन बढ़कर लगभग दोगुना हो गया है और कई कंपनियां अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाने की तैयारी में जुटी हैं.

मक्का खल की मांग बढ़ने से देश में उत्पादन दोगुना बढ़ा

प्रतीकात्मक तस्वीर

नई दिल्ली:

देश में पशु आहार में इस्तेमाल होने वाले मक्का खल की मांग निरंतर बढ़ने के कारण इसका उत्पादन बढ़कर लगभग दोगुना हो गया है और कई कंपनियां अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाने की तैयारी में जुटी हैं. खाद्य तेल कंपनी सरिस्का के प्रबंध निदेशक पवन कुमार गुप्ता ने पीटीआई भाषा को बताया, ‘‘कंपनी के पास महाराष्ट्र, गुजरात, हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश से मक्का खल की मांग बढ़ रही है. यह बिनौना खल की कमी को पूरा करता है. इसमें तेल की मात्रा 14 प्रतिशत होती है जिससे दुधारू पशु से दूध का उत्पादन काफी बढ़ता है. मक्का खल में विटामिन ई प्रचुर मात्रा में पाई जाती है. बढ़ती मांग को देखते हुए जल्द ही हम अपनी उत्पादन क्षमता मौजूदा 1,000 टन प्रति माह से बढ़ाकर 2,000 टन करने जा रहे हैं.''

जयपुर के अरोड़ा सेल कार्पोरेशन से संबद्ध राकेश अरोड़ा ने कहा, ‘‘100 किग्रा मक्का में पांच किलोग्राम मक्का आयलसीड निकलता है जिससे तेल के साथ साथ मक्का खल की प्राप्ति होती है. मक्का खल उत्पादन के क्षेत्र में कभी गुजरात का वर्चस्व था लेकिन अब देश के विभिन्न भागों में राजस्थान के मक्का खल की मांग निरंतर बढ रही है. गुजरात में उन्नत किस्म के मक्का खल की कीमत 3,700 रुपये प्रति क्विन्टल है.''

उन्होंने बताया कि मक्का खल के सेवन से मवेशियों के दूध में फैट (वसा) की मात्रा में इजाफा होता है, जिससे किसानों को उनके दूध के अच्छे दाम मिलते हैं. उन्होंने कहा कि इस कारण से मक्का खल की लोकप्रियता निरंतर बढ़ रही है.
 



(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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