कोरोना का कहर शेयर बाजार पर, बुधवार को सेंसेक्स 214 अंक टूटा

बंबई शेयर बाजार का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स दिन में कारोबार के दौरान 945 अंक तक ऊपर-नीचे होने के बाद अंत में 214.22 अंक या 0.55 प्रतिशत के नुकसान से 38,409.48 अंक पर बंद हुआ.

कोरोना का कहर शेयर बाजार पर, बुधवार को सेंसेक्स 214 अंक टूटा

बुधवार को शेयर बाजार में गिरावट

मुंबई:

देश में कोरोना वायरस के मामले बढ़ने के बाद निवेशक काफी सतर्कता बरत रहे हैं, जिससे बुधवार को बेहद उतार-चढ़ाव भरे कारोबार में बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स फिर नीचे आया और 214 अंक के नुकसान के साथ बंद हुआ. हालांकि, मंगलवार को सेंसेक्स लाभ में रहा था.बंबई शेयर बाजार का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स दिन में कारोबार के दौरान 945 अंक तक ऊपर-नीचे होने के बाद अंत में 214.22 अंक या 0.55 प्रतिशत के नुकसान से 38,409.48 अंक पर बंद हुआ. नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 52.30 अंक या 0.46 प्रतिशत के नुकसान से 11,300 अंक से नीचे 11,251 अंक पर बंद हुआ.

सेंसेक्स की कंपनियों में इंडसइंड बैंक, बजाज फाइनेंस, आईटीसी, अल्ट्राटेक सीमेंट और एचडीएफसी बैंक के शेयरों में गिरावट आई. वहीं सनफार्मा, टेक महिंद्रा, महिंद्रा एंड महिंद्रा और एशियन पेंट्स के शेयर लाभ में रहे. कारोबारियों ने कहा कि भारत में कोरोना वायरस के 28 मामलों की पुष्टि हुई है. इससे घरेलू बाजारों में काफी उथलपुथल रही. सत्र की शुरुआत के समय तक सिर्फ छह मामलों की पुष्टि हुई थी. अमेरिका के केंद्रीय बैंक ने ब्याज दरों में आधा प्रतिशत की कटौती की है. इससे वैश्विक शेयर बाजारों में लाभ रहा. फेडरल रिजर्व के चेयमरैन जेरोम पॉवेल का मानना है कि कोरोना वायरस आर्थिक गतिविधियों के लिए जोखिम पैदा करेगा.

हालांकि, फेडरल रिजर्व के ब्याज दर कटौती का फैसला भारतीय निवेशकों में उत्साह पैदा नहीं कर सका. आशिका इंस्टिट्यूशनल इक्विटी रिसर्च का कहना है कि अभी इस बात को लेकर अनिश्चितता है कि कैसे बड़ी अर्थव्यवस्थाएं वायरस को फैलने से रोकेंगी. एशियाई बाजारों में चीन का शंघाई, दक्षिण कोरिया का कॉस्पी और जापान का निक्की सकारात्मक रुख के साथ बंद हुए. वहीं हांगकांग के हैंगसेंग में नुकसान रहा. शुरुआती कारोबार में यूरोपीय बाजार एक प्रतिशत तक की बढ़त में थे. ब्रेंट कच्चा तेल वायदा 0.58 प्रतिशत की बढ़त के साथ 52.16 डॉलर प्रति बैरल पर था. अंतर बैंक विदेशी विनिमय बाजार में डॉलर के मुकाबले रुपया 14 पैसे के नुकसान के साथ 73.34 प्रति डॉलर पर था.