Coronavirus की वजह से CBDT करेगी रिटर्न फॉर्म में बदलाव, टैक्स पेयर्स को मिलेगी राहत

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) वित्त वर्ष 2019-20 (निर्धारण वर्ष 2020-21) के रिटर्न फॉर्म में बदलाव करने जा रहा है. इस महीने के अंत तक इसे अधिसूचित किया जाएगा.

Coronavirus की वजह से CBDT करेगी रिटर्न फॉर्म में बदलाव, टैक्स पेयर्स को मिलेगी राहत

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड रिटर्न फॉर्म में बदलाव करेगा. (फाइल फोटो)

हाइलाइट्स

  • सीबीडीटी कर रही फॉर्म में बदलाव
  • कोरोना के चलते किए जा रहे बदलाव
  • आयकरदाताओं को मिलेगी राहत
नई दिल्ली:

कोरोनावायरस (Coronavirus) की वजह से केंद्र सरकार की ओर से करदाताओं को टैक्स भरने की तारीखों में थोड़ी राहत दी गई है. जिसके बाद केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) वित्त वर्ष 2019-20 (निर्धारण वर्ष 2020-21) के रिटर्न फॉर्म में बदलाव करने जा रहा है. इस महीने के अंत तक इसे अधिसूचित किया जाएगा. CBDT ने बताया कि सरकार द्वारा दी गई 30 जून, 2020 तक की विभिन्न समयावधि विस्तार के साथ करदाताओं को पूर्ण लाभ प्राप्त करने की सुविधा प्रदान करने के लिए, इसने रिटर्न फॉर्म्स में आवश्यक परिवर्तन शुरू किए हैं, ताकि करदाता वित्त वर्ष 2019-20 के रिटर्न फॉर्म में 1 अप्रैल 2020 से 30 जून 2020 तक, के दौरान किए गए अपने लेनदेन का लाभ उठा सकें.

CBDT ने बताया कि करदाताओं को अप्रैल से जून 2020 अवधि के लिए किए गए अपने निवेश / लेनदेन का लाभ उठाने की अनुमति देने के लिए रिटर्न फॉर्म में आवश्यक संशोधन किए जा रहे हैं. एक बार संशोधित फॉर्म को अधिसूचित करने के बाद, इसे लेकर सॉफ्टवेयर में बदलाव किए जाएंगे और फिर यह रिटर्न फाइल करने के काम में लिया जा सकेगा. रिटर्न दाखिल करने के लिए सभी फॉर्म्स 31 मई, 2020 तक उपलब्ध करवा दिए जाएंगे.

सीबीडीटी ने कहा कि कोविड-19 के कारण, सरकार ने आयकर अधिनियम, 1961 के कराधान और अन्य कानून (कुछ प्रावधानों के छूट) अध्यादेश, 2020 के तहत विभिन्न समयसीमा बढ़ा दी है. जिसके अनुसार, निवेश / भुगतान करने का समय आईटी अधिनियम के अध्याय- 6 ए-बी के तहत कटौती का दावा करना, जिसमें वित्त वर्ष 2019-20 के लिए धारा 80 सी (एलआईसी, पीपीएफ, एनएससी आदि), 80 डी (मेडिक्लेम), 80 जी (दान) इत्यादि शामिल हैं, इसे 30 जून 2020 तक भी बढ़ा दिया गया है. सेक्शन 54 से 54 जीबी के तहत पूंजीगत लाभ के संबंध में लाभ का दावा करने के लिए निवेश / निर्माण / खरीद करने की तारीखों को भी 30 जून, 2020 तक बढ़ा दिया गया है. इसलिए इस राहत के लेनदेन की सुविधा के लिए रिटर्न फॉर्म संशोधित किए जा रहे हैं.

बता दें कि आमतौर पर अप्रैल के पहले सप्ताह में आयकर रिटर्न फॉर्म अधिसूचित किए जाते हैं. इस वर्ष भी निर्धारण वर्ष 2020-21 के लिए रिटर्न दाखिल करने की ई-फाइलिंग 1 अप्रैल, 2020 और आयकर रिटर्न (ITR) फॉर्म ITR-1 (सहज) और ITR-4 (सुगम) के रूप में उपलब्ध कराई गई थी. वित्त वर्ष 2019-20 के लिए (निर्धारण वर्ष 2020-21) के लिए भी 3 जनवरी, 2020 की अधिसूचना से पहले ही अधिसूचित कर दिया गया था. हालांकि, यह सुनिश्चित करने के लिए कि करदाता कोरोनावायरस महामारी के कारण समयावधि विस्तार के सभी लाभों का लाभ उठाने में सक्षम है, रिटर्न फॉर्म संशोधन किया जा रहा है.

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