This Article is From Sep 08, 2019

कैट को ई-कॉमर्स कंपनियों की ‘फेस्टिवल सेल’ पर ऐतराज

व्यापारियों के संगठन कनफेडरेशन आफ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने ई-कॉमर्स कंपनियों की त्योहारी सीजन की सेल (फेस्टिवल सेल) पर ऐतराज जताते हुए इसपर तत्काल रोक लगाने की मांग की है.

कैट को ई-कॉमर्स कंपनियों की ‘फेस्टिवल सेल’ पर ऐतराज

प्रतीकात्मक फोटो

नई दिल्ली:

व्यापारियों के संगठन कनफेडरेशन आफ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने ई-कॉमर्स कंपनियों की त्योहारी सीजन की सेल (फेस्टिवल सेल) पर ऐतराज जताते हुए इसपर तत्काल रोक लगाने की मांग की है. कैट ने वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से आग्रह किया है कि इस तरह त्योहारी सीजन की बिक्री की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए. उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पहले ही गोयल ने इस मुद्दे पर संज्ञान लेकर स्पष्ट रूप से कहा था की सरकार किसी भी पोर्टल पर लागत से भी कम मूल्य पर माल बेचने को कतई अनुमति नहीं देगी. 

कैट के अध्यक्ष बी सी भरतिया और महासचिव प्रवीण खंडेलवाल ने ई-कॉमर्स पोर्टल की बिक्री की वैधता पर जोरदार सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि बिक्री केवल वे ही लोग कर सकते हैं जो स्टॉक के मालिक है, जबकि यह पोर्टल केवल एक मार्केट्प्लेस हैं और वे बेचे जाने वाले सामान के मालिक नहीं हैं. खंडेलवाल ने कहा कि एफडीआई नीति 2016 के अनुसार किसी भी तरह की बिक्री कीमतों को प्रभावित नहीं करनी चाहिए, इस लिहाज़ से ई कामर्स कंपनियों द्वारा इस प्रकार की सेल लगाना नीति का उल्लंघन है. उन्होंने कहा कि इन ई-कॉमर्स पोर्टल्स में बड़ी संख्या में वेयरहाउस भी हैं. जब ये केवल मार्केट्प्लेस हैं तो उन्हें गोदाम रखने की क्या आवश्यकता है.

कैट ने कहा कि ई-कॉमर्स कंपनियों की कैश बैक नीति को भी रोका जाना चाहिए क्योंकि यह कीमतों को प्रभावित करता है. ये ई-कॉमर्स पोर्टल पॉलिसी को काफी प्रभावित कर रहे हैं और अपने संबंधित पोर्टल पर बिक्री में लगे हुए हैं जो ऑफलाइन बाजार को नुकसान पहुंचा रहे हैं. कैट ने कहा कि जरूरत पड़ी तो वह न्यायालय की शरण में जाएगा क्योंकि यह नीति का उल्लंघन हैं कैट ने ई-कॉमर्स कंपनियों द्वारा दी जा रही रियायतों पर श्वेत पत्र तैयार करने और उसे सरकार को सौंपने का फैसला किया है. 

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