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  • ऑटोमोबाइल सेक्टर में लगातार 11वें महीने रिकॉर्ड गिरावट दर्ज की गई
    संकट से जूझ रहे ऑटोमोबाइल सेक्टर में गिरावट का दौर जारी है. सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मेन्युफैक्चरर्स ने सितम्बर के ताज़ा आंकड़े जारी करते हुए कहा कि ऑटो सेक्टर में प्रोडक्शन और बिक्री में लगातार 11वें महीने रिकॉर्ड गिरावट दर्ज़ की गई है. हालांकि नवरात्र के 10-12 दिनों में गाड़ियों की बिक्री में कुछ सुधार जरूर दर्ज हुआ है.
  • वाहन उद्योग को मांग बढ़ाने के लिए अपने स्तर पर करने होंगे प्रयास: SIAM
    सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चर्स (SIAM)के अध्यक्ष राजन वढेरा ने बयान में कहा , 'वाहन उद्योग GST में कटौती को लेकर काफी आशान्वित था. हालांकि, वाहनों पर जीएसटी को 28 से घटाकर 18 प्रतिशत नहीं किया गया है.' उन्होंने कहा कि उद्योग को मांग बढ़ाने के लिए अपने स्तर पर विकल्प ढूंढने होंगे.  जीएसटी परिषद ने शुक्रवार को गोवा में हुई बैठक में वाहनों पर जीएसटी दर में कटौती नहीं की है. 
  • दिल्ली में फिर 72 रुपये लीटर हुआ पेट्रोल, डीजल की कीमतों में भी उछाल
    तेल विपणन कंपनियों ने रविवार को लगातार चौथे दिन पेट्रोल और डीजल के दाम में वृद्धि की, जिसके बाद देश की राजधानी दिल्ली में फिर पेट्रोल 72 रुपये लीटर से ऊंचे दाम पर मिलने लगा है.
  • पैसेंजर कारों में अप्रैल से अगस्त के बीच घटी मारुति की हिस्सेदारी, हुंदै, महिंद्रा को हुआ लाभ
    वाहन बनाने वाली मारुति सुजुकी इंडिया और टाटा मोटर्स की यात्री वाहन खंड में घरेलू बाजार हिस्सेदारी इस साल अप्रैल-अगस्त में कम हुई है.
  • ओला, उबर टैक्सी सेवाओं की मौजूदा आर्थिक मंदी में बड़ी भूमिका नहीं: मारुति सुजुकी
    युवा आबादी में ओला, उबर सेवाओं का इस्तेमाल बढ़ना आर्थिक मंदी का कोई ठोस कारण नहीं है बल्कि इसके विपरीत इस संबंध में किसी निष्कर्ष पर पहुंवने के लिए एक विस्तृत अध्ययन किये जाने की आवश्यकता है. देश के सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी के एक शीर्ष अधिकारी ने यह कहा है. मारुति सुजुकी इंडिया (एमएसआई) के विपणन और बिक्री विभाग के कार्यकारी निदेशक शशांक श्रीवास्तव ने यहां एक साक्षात्कार में पीटीआई-भाषा को बताया कि भारत में कार खरीदने को लेकर धारणा में अभी भी कोई बदलाव नहीं आया है और लोग अपनी आकांक्षा के तहत कार की खरीदते हैं.
  • ऑटो सेक्टर में मंदी की वजह से सुजुकी मोटर्स ने टाला क्षमता विस्तार
    दोपहिया वाहनों की बिक्री में जारी नरमी तथा अप्रैल 2020 से भारत स्टेज छह के क्रियान्वयन के कारण सुजुकी मोटर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने क्षमता विस्तार के लिये प्रस्तावित निवेश को फिलहाल टालने का निर्णय लिया है.
  • जीएसटी परिषद में ऑटो सेक्टर की मांग रखने को तैयार केंद्र : अनुराग ठाकुर
    केंद्र सरकार ऑटोमोबाइल पर वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) घटाने के उद्योग के प्रस्ताव को जीएसटी परिषद में रखने के लिए तैयार है. वित्त एवं कॉरपोरेट मामलों के राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने यहां एसीएमए के वार्षिक सम्मेलन में कहा कि सरकार को जीएसटी दर 28 फीसदी से घटाकर 18 प्रतिशत करने के संबंध में विभिन्न घटकों से कई आग्रह प्राप्त हुए हैं, जिसमें ऑटोमोबाइल डीलर, ओईएम और कार विनिर्माता शामिल हैं.
  • मारुति हरियाणा संयंत्रों में उत्पादन दो दिन बंद रखेगी
    मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड ने बुधवार को बताया कि वह हरियाणा में गुरुग्राम और मानेसर के अपने दोनों कारखानों में सात और नौ सितंबर को उत्पादन कार्य बंद रखेगी. कंपनी देश की सबसे बड़ी कार विनिर्माता है. उसने एक बयान में कहा, ''इन दोनों तारीख को उत्पादन शून्य दिवस मनाया जाएगा.'' बाजार में नरमी के कारण कंपनी ने अगस्त में उत्पादन 33.99 प्रतिशत घटा दिया था. यह सात महीने से उत्पादन कम करती आ रही है. अगस्त में मारुति सुजुकी इंडिया का उत्पादन 1,11,370 इकाई रहा. पिछले साल इसी माह यह संख्या 1,68,725 इकाई थी. 
  • नई पीढ़ी के ग्राहकों को लुभाने के लिए डिजिटल प्रेजेंस बढ़ाएगी Hyundai
    दक्षिण कोरिया की वाहन क्षेत्र की प्रमुख कंपनी Hyundai भारत में अपनी डिजिटल उपस्थिति को बढ़ाने की तैयारी कर रही है.
  • बिजली चालित वाहनों के लिए सबसे बड़ी दिक्कत लागत और चार्जिंग : मारुति
    देश की सबसे बड़ी कार कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया ने कहा है कि बिजली चालित यानी इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए सबसे बड़ी दिक्कत उसकी लागत और चार्जिंग ढांचा है. कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह बात कही. उल्लेखनीय है कि मारुति की योजना देश में अपना पहला बिजली चालित वाहन अगले साल पेश करने की है.  
  • ऑटोमोबाइल उद्योग में मंदी की मार का असर ऑटो एंसिलरी सेक्टर पर भी
    दुनिया भर में ऑटोमोबाइल उद्योग में जारी सुस्ती की मार देश के ऑटो एंसिलरी सेक्टर भी पड़ा है. उद्योग संगठन की मानें तो घरेलू और वैश्विक मंदी के साथ-साथ सरकारी नीति की अनिश्चितता और अंतर्राष्ट्रीय बाजार में चीन की आक्रामक चाल से भारत ऑटो एंसिलरी सेक्टर प्रभावित है.  ऑटोमोटिव कंपोनेंट मैन्युफैक्चर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एसीएमए) के एक शीर्ष अधिकारी ने बताया कि भारत की एंसिलरी इंडस्ट्री 57 अरब डॉलर की है जिस पर सुस्ती की जबरदस्त मार पड़ी है. उन्होंने कहा कि अमेरिका और चीन के बीच ट्रेड वार से भारत में कारोबार बढ़ना चाहिए लेकिन अब तक ऐसा नहीं हो पाया. एसीएमए के प्रेसिडेंट राम वेंकटरमानी ने आईएएनएस से कहा, "भारतीय ऑटो कंपोनेंट उद्योग देश में वाहन विनिर्माताओं की बिक्री, रिप्लेसमेंट और निर्यात की तिपाई पर निर्भर है. सभी सेगमेंट पर दबाव देखा जा रहा है." उन्होंने कहा, "घरेलू ओईएम (ओरिजनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चर्स) मार्केट और सभी वाहन विनिर्माता भारी दबाव में है. पिछले 10-12 महीनों से उनकी बिक्री घटती जा रही है."
  • सबसे बुरे दौर से गुजर रहा है भारतीय ऑटो सेक्टर, 4 महीने में चली गईं 3.5 लाख नौकरियां
    ऑटो सेक्टर में मंदी रुख बरकरार है. ऐसे कई स्रोतों से जानकारी मिली है कि कारों और मोटरसाइकिलों की बिक्री में कमी से ऑटो सेक्टर में बड़े पैमाने पर नौकरी में कटौती हो रही है. कई कंपनियां अपने कारखानों को बंद करने के लिए मजबूर हैं.
  • ऑटोमोबाइल सेक्टर में मंदी, गाड़ियों की बिक्री में आई गिरावट
    अर्थव्यवस्था में मंदी का सबसे ज्यादा असर ऑटोमोबाइल सेक्टर पर पड़ा है. गाड़ियों की बिक्री घटती जा रही है. मंदी का असर हर तरह की गाड़ियों की बिक्री और प्रोडक्शन पर पड़ा है साथ ही जॉब लॉस का खतरा मंडराने लगा है. अब ऑटो सेक्टर ने सरकार से स्टिमुलस पैकेज की मांग की है. इस तिमाही में कारों की बिक्री 23 फ़ीसदी से ज़्यादा घट गई है.
  • वाहन उद्योग में लंबे समय से चल रहा नरमी का दौर जून में भी रही जारी
    वाहन उद्योग में लंबे समय से चल रहा नरमी का दौर जून में भी जारी रहा. ग्राहकों की कमजोर धारणा के चलते प्रमुख वाहन विनिर्माता कंपनियों मारुति सुजुकी, हुंदै, टाटा मोटर्स और टोयोटा के यात्री वाहनों की बिक्री में गिरावट का सिलसिला जून में भी बरकरार रहा. हालांकि, पिछले महीने महिंद्रा एंड महिंद्रा के घरेलू यात्री वाहनों की बिक्री में चार प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी. देश की सबसे बड़ी कार कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया की घरेलू बिक्री जून माह में 15.3 प्रतिशत घटकर 1,14,861 वाहन रही जो इससे पिछले साल इसी अवधि में 1,35,662 वाहन थी.
  • ऑटोमोबाइल सेक्टर में आठ साल में सबसे बड़ी गिरावट, व्यापार और रोजगार पर बुरा असर
    ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में अब पिछले आठ साल में सबसे बड़ी गिरावट देखने मिल रही है. इसका असर व्यापार और रोजगार पर साफ देखने मिल रहा है. कई डीलरों ने जहां अपने शोरूम बंद कर दिए हैं वहीं जो शोरूम चल भी रहे हैं उनके मालिकों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.

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