AGR मामला: दूरसंचार कंपनियों ने कोर्ट से पुनर्विचार याचिकाओं की खुली अदालत में सुनवाई करने की अर्जी दी

भारती एयरटेल, वोडाफोन आइडिया और अन्य दूरसंचार कंपनियों पर पुरानी वैधानिक देनदारियों के रूप में सरकार का 1.47 लाख करोड़ रुपये का बकाया है.

AGR मामला: दूरसंचार कंपनियों ने कोर्ट से पुनर्विचार याचिकाओं की खुली अदालत में सुनवाई करने की अर्जी दी

AGR मामले में दूरसंचार कंपनियों ने खुली अदालत में सुनवाई की मांग की

नई दिल्ली:

वोडाफोन आइडिया और भारती एयरटेल समेत प्रमुख दूरसंचार कंपनियों ने समायोजित सकल आय (एजीआर) मामले में शीर्ष अदालत के फैसले में कुछ निर्देशों की समीक्षा के लिए दायर अपनी याचिका पर खुली अदालत में सुनवाई की बुधवार को मांग की. भारती एयरटेल, वोडाफोन आइडिया और अन्य दूरसंचार कंपनियों पर पुरानी वैधानिक देनदारियों के रूप में सरकार का 1.47 लाख करोड़ रुपये का बकाया है. न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष पुनर्विचार याचिकाओं पर खुली अदालत में सुनवाई करने का अनुरोध किया गया . न्यायमूर्ति मिश्रा ने कहा कि वह प्रधान न्यायाधीश एस. ए. बोबडे से बात करने के बाद इस पर कोई निर्णय लेंगे.

शीर्ष अदालत ने 24 अक्टूबर को अपने फैसले में दूरसंचार विभाग द्वारा तैयार की गई एजीआर की परिभाषा को बरकरार रखा था और इसे लेकर दूरसंचार कंपनियों की आपत्तियों को खारिज कर दिया. भारती एयरटेल ने समायोजित सकल आय से जुड़े ब्याज, जुर्माने और जुर्माने पर ब्याज लगाने के निर्देशों पर फिर से विचार करने का अनुरोध किया था. दूरसंचार मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने नवंबर में संसद को बताया था कि भारती एयरटेल, वोडाफोन आइडिया और अन्य दूरसंचार कंपनियों पर वैधानिक देनदारियों के रूप में 1.47 लाख करोड़ रूपए बकाया है. उन्होंने यह भी कहा था कि फिलहाल ऐसी बकाया राशि पर ब्याज और अर्थदंड माफ करने का कोई प्रस्ताव नहीं है. 
 



(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
More News