गैस बाजार के विकसित होने के बाद ही कंपनी का विभाजन उपयुक्त: गेल

गेल को दो कंपनी में तब्दील करने की संभावना के बीच उन्होंने यह बात कही. 

गैस बाजार के विकसित होने के बाद ही कंपनी का विभाजन उपयुक्त: गेल

गेल.

नई दिल्ली: गेल इंडिया ने कहा कि वह गैस विपणन तथा परिवहन कारोबार को अलग करने जैसे सुधारों का समर्थन करती है लेकिन दुनिया में ऐसे कदम तभी उठाये गये जब गैस बाजार विकसित हुआ. गेल को दो कंपनी में तब्दील करने की संभावना के बीच उन्होंने यह बात कही. विभिन्न आलोचनाओं को क्रमवार खारिज करते हुए कंपनी के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक बी सी त्रिपाठी ने कहा कि गेल देश में एकमात्र कंपनी है जिसने पिछले एक दशक में कई गैस पाइपलाइन बिछायी. वहीं निजी क्षेत्र को मंजूरी मिलने के बाद भी उसने एक इंच भी पाइपलाइन नहीं बिछायी. 

विकसित बाजारों में कुल ऊर्जा में प्राकृतिक गैस का योगदान कम-से-कम 15 प्रतिशत पहुंचने तथा बेहतर पाइपलाइन नेटवर्क के निर्माण के बाद परिवहन एवं विपणन कंपनियों का एकाधिकार समाप्त किया गया. साथ ही कुल खपत में घरेलू स्तर पर उत्पादित प्राकृतिक गैस का योगदान अधिक है. 

देश में कुल ऊर्जा में प्राकृतिक गैस की हिस्सेदारी 6.2 प्रतिशत है. वहीं पूर्वी तथा दक्षिणी हिस्से किसी भी पाइपलाइन से नहीं जुड़े हैं. वहीं खपत में घरेलू स्तर पर उत्पादित गैस की हिस्सेदारी केवल 40 प्रतिशत है. पेट्रोलियम मंत्रालय गेल को दो कंपनियों में विभाजित करने पर विचार कर रहा है. इसका मकसद हितों के टकराव को समाप्त करना है क्योंकि कंपनी परिवहन एवं विपणन दोनों काम करती है. 

मंत्रालय का मानना है कि उसने पाइपलाइन के क्षेत्र में पर्याप्त काम नहीं किया है , वहीं कुछ उद्योग ने अपनी गैस के परिवहन के लिये गेल के बड़े पाइपलाइन नेटवर्क तक पहुंच की मांग की है. त्रिपाठी ने इस बारे में कहा कि पिछले कुछ साल में जो भी पाइपलाइन बिछी है , उसे अकेले गेल ने अंजाम दिया है और 120 इकाइयां कंपनी के पाइपलाइन का 25 हिस्से का उपयोग कर रही हैं. 

गेल ने यह भी कहा कि वह दोनों कारोबार बाजार सिद्धांतों आधार पर परिचालन कर रही है और अनुचित वाणिज्यिक लाभ के लिये कभी एकाधिकारात्मक स्थिति का उपयोग नहीं किया. उन्होंने यह भी कहा, ‘‘आने वाले समय में हम पोर्टल लाएंगे जहां हमारी पाइपलाइन पर क्षमता की बुकिंग पारदर्शी तरीके से की जाएगी.’’ 

त्रिपाठी ने कहा, ‘‘गेल सभी प्रकार के सुधारों का समर्थन करती है. चाहे वह गैस ट्रेडिंग केंद्र बनाने की बात हो या फिर कारोबार को अलग करने की. लेकिन कारोबार का विभाजन तभी किया जा सकता है जब बाजार विकसित हो.’’