प्रतिबंधात्मक शर्तों की वजह से रद्द-संशोधित किए गए 40,000 करोड़ के ठेके

वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के अनुसार प्रतिबंधात्मक शर्तों के कारण 40,000 करोड़ रुपये की निविदाएं या तो संशोधित की गईं या उन्हें रद्द कर दिया गया, ताकि सरकारी खरीद में ‘मेक इन इंडिया’ (Make In India) को बढ़ावा दिया जा सके.

प्रतिबंधात्मक शर्तों की वजह से रद्द-संशोधित किए गए 40,000 करोड़ के ठेके

सरकार 'मेक इन इंडिया' को बढ़ावा दे रही है. (सांकेतिक तस्वीर)

नई दिल्ली:

वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के अनुसार प्रतिबंधात्मक शर्तों के कारण 40,000 करोड़ रुपये की निविदाएं या तो संशोधित की गईं या उन्हें रद्द कर दिया गया, ताकि सरकारी खरीद में ‘मेक इन इंडिया' (Make In India) को बढ़ावा दिया जा सके. मंत्रालय ने शुक्रवार को 2020 की अपनी उपलब्धियां जारी करते हुए कहा कि 500 जिलों में निर्यात की क्षमता वाले खास उत्पादों की पहचान की गई है.

मंत्रालय ने यह भी कहा कि इस दौरान घटिया गुणवत्ता और नुकसानदेह उत्पादों को बाजार में रोकने के लिए भी जरूरी कदम उठाए गए. मंत्रालय ने आगे कहा, ‘‘विभेदात्मक और प्रतिबंधात्मक शर्तों के कारण 40,000 करोड़ रुपये के ठेके रद्द या संशोधित किए गए.''

बयान में कहा गया कि 2020 में स्टार्टअप के 4,905 पेटेंट आवेदनों के लिए 80 प्रतिशत छूट दी गई, जबकि 12,264 ट्रेडमार्क आवेदनों के लिए शुल्क में 50 प्रतिशत छूट दी गई.



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