हम लोग : डिप्रेशन को छिपाना पड़ सकता है महंगा

PUBLISHED ON: April 9, 2017 | Duration: 42 min, 04 sec

   
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दुनिया में हर साल 7 अप्रैल को वर्ल्ड हेल्थ डे मनाया जाता है. WHO ने 1950 से वर्ल्ड हेल्थ डे मनाए जाने की शुरुआत की और इस साल इसकी थीम है 'डिप्रेशन: लेट्स टॉक'. यानी अगर आप अवसाद यानी डिप्रेशन से गुज़र रहे हैं तो इस बारे में बात करें. 7 अप्रैल से 4 दिन पहले 3 अप्रैल को मुंबई में एक 24 साल के लड़के अर्जुन भारद्वाज ने होटल की 19वीं मंज़िल से कूदकर अपनी जान दे दी, वो ड्रिपेशन में था और अत्माहत्या की पूरी घटना को उसने फेसबुक पर लाइव किया. डिप्रेशन का दायर बेहद बड़ा है. स्कूल, कॉलेज के स्टूडेंट्स से लेकर कर्ज़ में डूबे किसान... दफ़्तरों में मानसिक तनाव से दो चार होने वालों से लेकर परिवार और निजी रिश्तों के तनाव तक. एक रिसर्च के मुताबिक भारत में 36% लोग ज़िंदगी के किसी न किसी दौर में डिप्रेशन का शिकार रहे हैं.
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